World Suicide Prevention Day 2021: दिल डूब रहा है? पढ़ें ये किताबें और पाएं जीवनीशक्ति

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ीBooks For Suicide Prevention: अवसाद एक ऐसी अवस्था है, जिससे गुजरने वाले शख्स को कैसा महसूस होता होगा या वो किस तरह की बातें सोचता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी बहुत मुश्किल होता है. इस स्थिति में सही और गलत के बीच का फर्क पता चलना बंद हो जाता है. कई बार लोग कई तरह के हालातों के आगे मजबूर हो जाते हैं और अकेले में घुटने लगते हैं. किसी अपने को खोने का डर, बचपन में हुआ कोई हादसा, यौन उत्पीड़न, माता-पिता के बीच खराब संबंध आदि इसका कारण हो सकते हैं. कई बार लोग परस्थितियों का सामना न कर, अपने दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं और उसके लिए आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं. जिससे उनके परिवार और दोस्तों पर बहुत बुरा असर पड़ता है. सामान्य मृत्यु की तुलना में खुदकुशी के कारण हुई मौत के बारे में सोचना और उसे स्वीकार कर पाना सगे-संबंधियों के लिए लगभग नामुमकिन सा हो जाता है.

हालात कैसे भी हों, उनसे निपटा जा सकता है. आपको बता दें कि हर साल 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे (World Suicide Prevention Day) यानी विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है. इस दिन को विश्व स्तर पर मनाने का उद्देश्य लोगों में मेंटल हेल्थ के प्रति जागरुकता फैलाना और सुसाइड के मामलों को रोकना है. जानकारी के मुताबिक साल 2003 में इंटरनेशनल असोसिएशन ऑफ सुसाइड प्रिवेंशन ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी. आइए, जानते हैं कि अगर आपके परिवार में या आसपास कोई डिप्रेशन की चपेट में आ गया है या आप खुद भी ये महसूस कर रहे हैं कि आपके जीवन में अवसाद का पलड़ा भारी हो रहा है तो कुछ चुनिंदा किताबों का सहारा लेकर आप इस पर काबू पा सकते हैं.

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रीजन्स टू स्टे अलाइव- मैट हैग (Reasons to Stay Alive, by Matt Haig)

अगर आप अकेला और अलग-थलग महसूस कर रहे हैं तो इस किताब को पढ़कर आपको ऐसा लगेगा कि आप अकेले नहीं हैं. जानकारी के मुताबिक लेखक मैट हैग ने इस बुक में अपने युवा स्व (Young Self) के साथ बातचीत के माध्यम से यह बताया है कि ‘सुरंग’ के अंत में प्रकाश है. कई लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं (Mental Health Problems) का सामना करते हैं और हैग उनमें से एक रहे हैं. ‘रीजन्स टू स्टे अलाइव’ उनकी जीवन यात्रा पर आधारित है कि कैसे उन्होंने एक समय में एक दिन, मिनट दर मिनट, टनल यानी अवसाद से बाहर आने के लिए संघर्ष किया. इस किताब में अवसाद को मिटाने के बारे में नहीं, बल्कि उससे परे रहने के कारणों को खोजने के बारे में बताया गया है, साथ ही ये भी बताया गया है कि जीवन की और अधिक सराहना किस तरह की जा सकती है.
सुसाइड नोट्स- माइकल थॉमस फोर्ड (Suicide Notes, by Michael Thomas Ford)
इस किताब के किरदार युवा जेफ को नहीं पता कि वह अस्पताल में क्यों है- वह ठीक है. वह साइक वार्ड के अन्य बच्चों की तरह नहीं है. जैसे-जैसे समय बीतता है, उसे एहसास होने लगता है कि वह यहां क्यों है और उसके आगे बढ़ने का क्या मतलब है. यह उपन्यास इस बात की पड़ताल करता है कि अवसाद और आत्महत्या के विचारों से जूझ रहे किशोर होने का क्या मतलब है. यह बुक डिप्रेशन और सुसाइडल विचारों का सामना करने वाले किशोरों के लिए अपने मौजूदा हालत को समझने में मददगार साबित हो सकती है.
नो टाइम टू से गुड बॉय- कार्ला फाइन (No Time to Say Goodbye- Carla Fine)

पिछले कुछ सालों में मानसिक स्वास्थ्य चर्चा का विषय रहा है, लेकिन आज भी कई लोगों के लिए आत्महत्या के बारे में बात करना अविश्वसनीय रूप से कठिन है. साल 1989 में अपने पति की आत्महत्या के बाद कार्ला फाइन गुस्से, दु:ख-दर्द, गिल्ट जैसी भावनाओं से निपटने के लिए इन इमोशन्स के बारे में ईमानदारी से बोलने में असमर्थ थीं. ‘नो टाइम टू से गुड बॉय’ में लेखक ने अपने पति के जाने बाद जो कुछ भी सीखा, उसे लोगों के साथ साझा किया है.

शैटर्ड- रेबेका टर्वो (Shattered by Rebecca Tervo)

किसी भी माता-पिता के लिए बच्चे को खोना अविश्वसनीय रूप से कठिन है, लेकिन आत्महत्या के कारण बच्चे को खोना विशेष रूप से दुखद है. लेखक रेबेका टेरवो ने अपने किशोर बेटे के सुसाइड के बाद जो दर्द महसूस किया, वह उन्होंने इस किताब में लिखा है. उन्होंने यह भी बताया है कि कैसे वो पूरी तरह टूट गईं थीं लेकिन फिर उन्होंने अपनी जिंदगी के टूटे हुए टुकड़ों को समेटा. दुःख से पीड़ित परिवार से लेकर बच्चे की मौत के बाद उसके स्कूल पर प्रभाव तक, सब कुछ देखा और इस दौरान उन्होंने काउंसलिंग और सोल-सर्चिंग के जरिए से फिर से खुशी पाने की कोशिश की. अगर आप एक ऐसी पुस्तक की तलाश में हैं जो यह बताए कि अंधकार के बाद उजाला कैसे खोजा जाए, तो ये किताब आपकी मदद कर सकती है.

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हीलिंग योर ग्रीविंग हार्ट फॉर किड्स- एलन डी वोल्फेल्ट (Healing Your Grieving Heart for Kids- Alan D Wolfelt)

यह किताब बच्चों को किसी अपने को खोने के बाद उनकी भावनाओं को समझने में मदद करने के लिए एकदम सही है. यह बुक उन्हें उन कठिन भावनाओं को स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करती है जिनका वे सामना कर रहे हैं.

इसके अलावा आप जब भी अकेला महसूस करें या आपके मन में जिंदगी को लेकर नकारात्मक विचार आएं तो आप दोस्तों और अपने करीबियों से बात जरूर करें. आप संबंधित वेशेषज्ञों से भी सलाह आवश्यक लें.

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