UPSC Success Story: इस IAS को लबासना पहुंचने के लिए छोड़नी पड़ी थी IBM की नौकरी, जानें फिर कैसे बनें टॉपर

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Edited by नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Jul 29, 2022, 4:10 PM

IAS Vinayak Mahamuni: विनायक ने 2020 की परीक्षा में यानी अपने 5वें प्रयास में सिविल सर्विस परीक्षा में रैंक 95 हासिल कर सफलता प्राप्त की।

 

UPSC Success Story: विनायक को अपने 5वें प्रयास में यूपीएससी में सफलता मिली थी।

हाइलाइट्स

  • विनायक 2021 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं।
  • महाराष्ट्र से रखते हैं ताल्लुक।
  • 5वें प्रयास में मिली रैंक 95।
जब सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की तैयारी के विषय में कोई उम्मीदवार सोचता है तो उसके जेहन में ये प्रश्न जरूर आते हैं कि क्या पहले प्रयास में सफलता मिल जाएगी? अगर पहले प्रयास में सफलता नहीं हाथ लगी तो कितने प्रयासों में लिस्ट में नाम देखने को मिलेगा। इन्हीं प्रश्नों के साथ हर साल लाखों युवा तैयारी में खुद को झोंक देते हैं। कई उम्मीदवारों को अपने पहले प्रयास में ही सफलता मिल जाती है तो कई उम्मीदवार कई प्रयासों के बाद अपनी मंजिल तक पहुंच पाते हैं। उन सभी युवाओं की सक्सेस स्टोरी (UPSC Success Story) और संघर्ष की कहानी एक-दूसरे से अलग होती हैं। उन्हीं कहानियों में से एक है आईएएस विनायक महामुनि की सक्सेस की कहानी (IAS Vinayak Mahamuni Success Story) जिन्होंने 2020 की परीक्षा में यानी अपने 5वें प्रयास में सिविल सर्विस परीक्षा में रैंक 95 हासिल कर सफलता प्राप्त की।

तैयारी के लिए छोड़ दी जॉब
लातूर से ताल्लुक रखने वाले विनायक महामुनि (IAS Vinayak Mahamuni) ने 2012 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की और तीन वर्षों तक अमेरिका मल्टीनेशनल कंपनी आईबीएम में नौकरी करते रहे। तीन साल जॉब करने के बाद उन्होंने अपनी यूपीएससी की जर्नी शुरू करने के लिए 2015 में जॉब छोड़ दी और एक साल तक पुणे में परीक्षा के लिए कोचिंग ज्वाइन कर लिया।

तीन प्रीलिम्स प्रयासों में असफलता

कोचिंग के बाद 2016 में विनायक पुणे छोड़ दिल्ली जाकर तैयारी करने लगे। इस दौरान विनायक ने परीक्षा में भाग भी लिया लेकिन उन्होंने हर बार हार का ही मुहं देखा। असफलता का आलम ऐसा कि उन्होंने अपने तीन प्रयासों में प्रीलिम्स परीक्षा तक पास नहीं की और बार-बार फेल होते रहे। लेकिन वे जानते थे कि यह परीक्षा कितनी अनिश्चित है इसी कारण वे वापस कॉरपोरेट की दुनिया में लौटने के लिए भी तैयार थे।

दोस्तों और परिवार का मिला साथ

उन्होंने लगातार प्रीलिम्स परीक्षा में मिल रही असफलता के बाद भी धैर्य नहीं खोया और दोस्तों, माता पिता के मोटिवेशन से हमेशा तैयारी में बने रहे। उनके दोस्तों और परिवार ने उन्हें बार-बार मोटिवेट होने की सलाह दी। तीन बार प्रीलिम्स परीक्षा में पास भी न होने वाले विनायक ने अपने मेहनत के दम पर चौथे प्रयास में प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास कर ली। लेकिन किस्मत के खेल देखिए कि इंटरव्यू में फेल हो गए। हालांकि इस फेलियर ने उन्हें उनकी सफलता के लिए मोटिवेट कर दिया।

पांचवे प्रयास में आईएएस
आखिरकार असफलताओं के बीच विनायक का परचम लहराया और 2020 में अपने 5वें प्रयास में उन्होंने 95 रैंक प्राप्त की और बन गए आईएएस। विनायक की तैयारी की सबसे खास बात है कि उन्होंने घर पर रहकर खुद से ही तैयारी की और 5वें प्रयास में सफलता हासिल कर ली। उनका मानना है कि इस परीक्षा में भले ही सक्सेस रेट कम है लेकिन मेहनत और फोकस हर चीज को संभव बना देता है।

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Web Title : Hindi News from Navbharat Times, TIL Network



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