Taare Zameen Par में इशान वाली बीमारी की इलाज प्रकिया है अलग, जानें और समझें इसके बारे में सबकुछ

0
0


Autism Symptoms In Children: फिल्म ‘तारे जमीन पर’ हर किसी ने देखी होगी. ये मूवी काफी प्रेरणादायक थी. इस फिल्म में बाल कलाकर इशान अवस्थी का किरदार दर्शील सफारी ने बखूबी निभाया था. इशान को जो बीमारी थी, उसके बारे में आप सब ने जाना ही होगा. लेकिन हम आपको आज इसके बारे में विस्तार से बताएंगे. फिल्म में इशान अवस्थी नाम के बच्चे को ऑटिज्म की बीमारी थी. इसमें इशान ना तो सही से पढ़-लिख पाता था, ना ही उसे पढ़ाई में कोई रुची थी. इशान अधिकतर चीजें भूल जाता था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर 100 में से एक बच्चे को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर की दिक्कत होती है. इस फिल्म को देखने के बाद दर्शकों के मन में इशान के प्रति प्रेम और दया का भाव भर आया था. अगर आपके बच्चे में भी ऐसे लक्षण दिखते हैं तो आपको इस बीमारी के इलाज के बारे में जानना बहुत जरूरी है…. 

जानें क्या है ऑटिज्म (What is Autism)
आपको बता दें कि ऑटिज्म एक विकास संबंधी विकार है. ये व्यक्ति को जीवनभर के लिए प्रभावित कर सकता है. कई बार बचपन में ही इस बीमारी का पता चल जाता है. लेकिन अधिकतर मामलों में इसकी पहचान बहुत देर से होती है. अगर इसका इलाज देर से किया जाए तो पीड़ित व्यक्ति का व्यवहार भी भेदभावपूर्ण रहता है. ऑटिज्म विकार में व्यक्ति सामाजिक नहीं हो पाता है. साथ ही उसे संवाद यानी कम्यूनिकेशन में काफी दिक्कत होती है. इसी वजह से व्यक्ति अकेला रहना ज्यादा पसंद करता है. 

ऑटिज्म का इलाज क्या है (What are the treatments for Autism)
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ऑटिज्म का कोई इलाज नहीं है. इसलिए माता-पिता के लिए इसके बारे में जागरुक होना बहुत जरूरी है. ऑटिस्टिक बच्चों की परवरिश के लिए विशेष संघर्ष करना पड़ता है. अगर आपके बच्चे में ऑटिज्म बीमारी जैसे लक्षण दिखते हैं तो, इसके लिए ऑटिज्म थेरेपी की मदद ले सकते हैं. इन वैकल्पिक थेरेपी में होमियोपैथिक, हर्बल और समग्र दृष्टिकोण को एक साथ जोड़कर अपनाया जाता है. इससे ऑटिस्टिक रोगियों में तंत्रिका तंत्र के कामकाज के प्रणालीगत संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलती है. इसके अलावा अन्य थेरेपी भी हैं… 

1. हर्बल थेरेपी (Herbal Therapy)
2. फूड न्यूट्रिएंट्स थेरेपी (Food Nutrient Therapy)
3. शिक्षण कार्यक्रम (Educational Programs)
4. एक्टिविटी आधारित थेरेपी (Activity-based Therapies)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसा माना गया है कि इन उपचारों के माध्यम से ऑटिज्म के लक्षणों में सुधार होता है. इसमें सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, योग और अन्य उपचार विधियां शामिल हैं. कुछ अन्य प्रकार की ऑटिज्म थेरेपी रोगी की जरूरतों के अनुसार लाभदायक हो सकती है. 

Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है. 





Source link

पिछला लेखरविवार को मकर संक्रांति होने से बढ़ा महत्व, जानें पुण्य काल का सही समय
अगला लेखसरकारी नौकरी: TNPSC ने एग्रीकल्चर ऑफिसर सहित 93 पदों पर निकाली भर्ती, 10 फरवरी है आवेदन की आखिरी तारीख
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।