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Ranchi Violence: योगी सरकार की राह चली रांची पुलिस, पत्थरबाजों के पोस्टर किए जारी

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झारखंड के रांची की पुलिस भी अब योगी की राह चल पड़ी है। पुलिस ने बीते शुक्रवार को हुई हिंसा के वांछितों की तस्वीर को जारी किया है। भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद झारखंड की राजधानी रांची समेत अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार 10 जून को हिंसा हुई थी।

इस दौरान जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। हालात को देखत हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने के साथ ही 11 जून की सुबह 6 बजे तक रांची में सभी इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया था।  
रांची में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस हिंसा के दौरान पुलिस के कई अधिकारी और जवान भी घायल हुए। 

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट शो के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि कई खाड़ी देशों ने भारतीय राजदूतों को तलब कर अपना विरोध जताया था।

बाद में नुपुर ने अपने बयान को वापस लेते हुए माफी मांग ली थी। इसके बाद भाजपा ने नुपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था जबकि नवीन जिंदल को पार्टी से ही निष्कासित कर दिया था। इसके बाद भी रांची समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आयीं थीं। 

संविधान और  लोकतंत्र की रक्षा करने की जरूरत : सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “हम उन चीजों को देख और सुन सकते हैं जो हमें प्रभावित करती हैं। आज लगभग हर खबर में कोई न कोई छिपा हुआ एजेंडा नजर आता है। हमें यह देखने की जरूरत है। आज के कठिन समय में हमें अपने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने की जरूरत है।”
 

सोरेन ने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि देश अजीब स्थिति का सामना कर रहा है। हमे सावधानी और समझ के साथ गुजरना होगा। क्रोध के कारण अक्सर गलतियां हो जाती हैं। यह शहर युद्धा का मैदान नहीं है। हमें मौजूदा हालात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की जरूरत है।”

विस्तार

झारखंड के रांची की पुलिस भी अब योगी की राह चल पड़ी है। पुलिस ने बीते शुक्रवार को हुई हिंसा के वांछितों की तस्वीर को जारी किया है। भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद झारखंड की राजधानी रांची समेत अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार 10 जून को हिंसा हुई थी।

इस दौरान जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। हालात को देखत हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने के साथ ही 11 जून की सुबह 6 बजे तक रांची में सभी इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया था।  

रांची में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस हिंसा के दौरान पुलिस के कई अधिकारी और जवान भी घायल हुए। 

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट शो के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि कई खाड़ी देशों ने भारतीय राजदूतों को तलब कर अपना विरोध जताया था।

बाद में नुपुर ने अपने बयान को वापस लेते हुए माफी मांग ली थी। इसके बाद भाजपा ने नुपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था जबकि नवीन जिंदल को पार्टी से ही निष्कासित कर दिया था। इसके बाद भी रांची समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आयीं थीं। 

संविधान और  लोकतंत्र की रक्षा करने की जरूरत : सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “हम उन चीजों को देख और सुन सकते हैं जो हमें प्रभावित करती हैं। आज लगभग हर खबर में कोई न कोई छिपा हुआ एजेंडा नजर आता है। हमें यह देखने की जरूरत है। आज के कठिन समय में हमें अपने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने की जरूरत है।”

 

सोरेन ने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि देश अजीब स्थिति का सामना कर रहा है। हमे सावधानी और समझ के साथ गुजरना होगा। क्रोध के कारण अक्सर गलतियां हो जाती हैं। यह शहर युद्धा का मैदान नहीं है। हमें मौजूदा हालात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की जरूरत है।”





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