physical sim cards may vanished, यूजर्स का बड़ा फायदा, फोन में सिम लगाने का झंझट होगा खत्म! फोन निर्माता और टेलिकॉम कंपनियों के बीच छिड़ी जंग – physical sim cards may vanished telecom companies vs smartphone brands over esims check every detail we know so far

0
0


नई दिल्ली। टेलिकॉम कंपनी और स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक सिम या ई-सिम फोन को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। जहां तरफ टेलिकॉम कंपनियां ई-सिम को अनिवार्य करना चाहती हैं। वहीं, स्मार्टफोन ब्रांड इस बात के पूरी तरह खिलाफ हैं। इस जंग के बीच यूजर्स का यह जानना बेहद ही जरूरी है कि आखिर ई-सिम क्या है, सपोर्टेड फोन्स कौन-कौन से हैं और आखिर इस जंग के पीछे की गणित क्या है, ये सब हम आपको बताएंगे इस लेख में।

ई-सिम क्या है:
ई-सिम एक एम्बेडेड सिम है जिसे स्मार्टफोन में बनाया जाता है। यह फिजिकल सिम की आवश्यकता को खत्म कर देता है। यह सिम फिजिकल सिम की तरह ही काम करती है। भारत में एयरटेल ई-सिम की सुविधा देने वाला पहला टेलिकॉम ऑपरेटर था।

क्या हैं ई-सिम के फायदे:
ई-सिम स्मार्टफोन में बैटरी के लिए जगह बचाने में मदद करता है। इससे फोन पतला भी लगता है। इसे नेटवर्क ऑपरेटर द्वारा इनेबल या डिसेबल किया जा सकता है। सबसे अच्छी बात की ई-सिम के खराब होने का खतरा भी नहीं रहता है।

आखिर वो क्या वजह है कि स्मार्टफोन कंपनियां इसे अनिवार्य नहीं करना चाहती हैं:
स्मार्टफोन कंपवियों का दावा है कि ई-सिम को अनिवार्य किया जाता है तो मिड-रेंज स्मार्टफोन की मैन्यूफैक्चरिंग कीमत बढ़ जाएगी। इससे यूजर्स के लिए फोन की कीमत को न चाहते हुए भी बढ़ाना पड़ेगा। कंपनी का दावा है कि मोबाइल में ई-सिम के लिए प्रोडक्ट डिजाइइन में बदलवा करने की भी जरूरत होगी और इसे कीमत में वृद्धि होगी।

टेलीकॉम कंपनियां क्यों चाहती हैं ई-सिम:

टेलिकॉम ऑपरेटर्स चाहते हैं कि 10,000 रुपये या इससे ज्यादा कीमत वाले सभी डिवाइस में ई-सिम अनिवार्य किया जाए। टेलिकॉम कंपनियां दूरसंचार विभाग के पास पहुंच चुकी हैं और उनका कहना है कि DoT ई-सिम को अनिवार्य करने के लिए हैंडसेट निर्माताओं को आदेश दे। साथ ही कहा है कि कुछ ऑपरेटर्स द्वारा सेमीकंडक्टर की कमी के चलते सिम कार्ड की कीमत में 4-5 गुना वृद्धि हो सकती है।

हालांकि, टेलिकॉम कंपनियों की चिंता को लेकर स्मार्टफोन ब्रांड्स ने अपने विचार व्यक्ति किए हैं। ब्रांड्स ने इस चिंता को अतिशयोक्ति करार दिया है। यानी की स्मार्टफोन ब्रांड्स का कहना है कि टेलिकॉम कंपनियां जबरदस्ती ही परेशान हो रही हैं। उन्होंने दावा किया है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में स्थिति में सुधार हो रहा है और अगले छह से नौ महीनों में स्थित नॉर्मल हो सकती है।

टेलिकॉम कंपनियों ने लिखा DoT को पत्र
टेलिकॉम कंपनियां ने दूरसंचार विभाग को पत्र भेजा है। COAI ने DoT को पत्र लिखा है, “हमारा मानना है कि हैंडसेट की इस प्राइस रेंज में eSIM की शुरूआत अगर की जाती है तो फिजिकल सिम को बड़ी मात्रा में बंद करना होगा। इससे सभी टेलिकॉम कंपनियों को लाभ मिलेगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि ई-सिम MNP (मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी) के चलते जो सिम की बर्बादी होती है वो भी कम हो जाएगी।

भारत में कौन से स्मार्टफोन ई-सिम को सपोर्ट करते हैं
भारत में ई-सिम सपोर्टेड स्मार्टफोन में pple, Samsung और Google के टॉप-एंड फोन शामिल हैं। बता दें कि ये सभी iPhones साल 2018 में लॉन्च हुए थे। Samsung की Galaxy S20 series, Galaxy S21 series, Galaxy S22 series और सभी फोल्डेबल फोन्स (Fold and Flip series) में भी ई-सिम सपोर्ट दिया गया है। Google Pixel 3 में भी ई-सिम सपोर्ट दिया गया है।

कौन-कौन से टेलिकॉम ऑपरेटर ई-सिम को सपोर्ट करते हैं
एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस जियो भारत में ई-सिम सर्विसेज उपलब्ध कराते हैं। लेकिन अभी तक एमटीएनएल और बीएसएनएल ई-सिम सर्विसेज उपलब्ध नहीं कराती हैं।



Source link

पिछला लेखपैरों में हो जाती है सूजन तो इन 6 नेचुरल उपायों से पाएं आराम
अगला लेखCWG गोल्ड मेडलिस्ट पीवी सिंधु चोट के कारण विश्व चैंपियनशिप से हुईं बाहर, ट्वीट करके बताई वजह
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।