Kanpur Encounter मामले में बड़ी कार्रवाई, चौबेपुर थाने के सभी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

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कानपुर: कानपुर एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद पुलिस कुख्यात विकास दुबे की तलाश में है. इस बीच इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. मंगलवार देर शाम चौबेपुर थाने के सभी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर कर दिए गए हैं. चौबेपुर थाने के पुलिसकर्मियों पर विकास दुबे की मदद करने का शक है.

कानपुर एनकाउंटर मामले में IPS अनंतदेव के खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया गया है. IPS अनंतदेव को एसटीएफ से हटाकर पीएसी में स्थानांतरित कर दिया गया है. हाल ही में शहीद सीओ की एक चिट्ठी वायरल हुई थी. वहीं कुख्यात अपराधी विकास दुबे के सहयोगियों के साथ भी अनंतदेव की तस्वीर भी वायरल हुई थी. 

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि चौबेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बिकरू कांड के बाद उनकी कर्तव्यनिष्ठा संदेह के घेरे में आ गई थी.

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उन्होंने बताया कि गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के निरीक्षक विनय तिवारी तथा अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे. शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की हिमायत कर रहे थे.

प्रवक्ता ने बताया कि थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अनंत देव का ट्रांसफर
इससे पूर्व, राज्य सरकार ने दुबे से संबंधों के आरोपों का सामना कर रहे पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव को मंगलवार रात स्थानांतरित कर दिया.

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक देव को पीएसी मुरादाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया है. वह उस वक्त कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे, जब बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने उन्हें चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी संबंध का आरोप लगाते हुए एक कथित पत्र लिखा था.

हालांकि पुलिस ने कहा था कि इस पत्र का कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है.

अनंत देव ने कहा था कि बिकरू कांड में मारे गए बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा द्वारा कथित 14 मार्च को लिखे गए पत्र में किए गए हस्ताक्षर मिश्रा के दस्तखत से मेल नहीं खाते. साथ ही उसमें ना कोई तारीख है और ना ही कोई सीरियल नंबर.

गौरतलब है कि दो-तीन जुलाई की रात को गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बिकरू गांव में दुबे के गुर्गों ने घात लगाकर हमला किया था जिसमें बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे.

 

अभी तक इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने विकास दुबे के गांव बिकरू से 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने बिकरू में हुए हत्याकांड के दौरान विकास और बदमाशों का साथ दिया.





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