Hyundai और KIA मोटर्स ने वापस मंगाई 6 लाख कार, जानिए इसकी वजह

0
1


हुंडई और किआ मोटर्स ने अपनी कार वापस बुलाई.

हुंडई (Hyundai) ने कंप्यूटर में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट-इन की गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए 4.71 लाख टूसों एसयूवी (SUV) को बाजार से वापस लेने का फैसला किया है. वहीं किआ ने सोरेन्टो एसयूवी वापस मंगाई है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 10, 2021, 8:18 PM IST

नई दिल्ली. हुंडई और किआ मोटर्स ने अपनी 6 लाख कार वापस मंगाई है. इन कंपनियों ने इस कारों को इलेक्ट्रिक पैनल में कमी के चलते वापस बुलाया है. आपको बता दे ये कार फिलहाल अमेरिका और कनाडा में वापस बुलाई गई है. जानकारी के अनुसार हुंडई और किआ की एसयूवी में इलेक्ट्रिक पैनल में शार्ट सर्किट की समस्या आ रही थी. जिसके बाद कंपनी ने इन देशों में सप्लाई की गई अपनी एसयूवी को ठीक करने के लिए वापस मंगाया है.
Hyundai ने ये कार वापस मंगाई- हुंडई (Hyundai) ने कंप्यूटर में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट-इन की गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए 4.71 लाख एसयूवी (SUV) को बाजार से वापस लेने का फैसला किया है. इस गड़बड़ी की वजह से वाहन में आग लग सकती है. इससे पहले कंपनी ने सितंबर में इसी गड़बड़ी की वजह से अमेरिका में वाहन बाजार से वापस मंगाए थे. अब कंपनी ने वाहन मालिकों को आगाह किया है कि जब तक यह गड़बड़ी ठीक नहीं हो जाती, वे अपनी एसयूवी को खुले में बाहर खड़ा करें.

यह भी पढ़ें: Tata Safari 26 जनवरी को होगी लॉन्च, SUV की बुकिंग शुरू, जानें इसकी खूबियां

कंपनी ने 2016 से 2018 के दौरान विनिर्मित वाहन बाजार से वापस मंगाए हैं. इसके अलावा 2020 से 2021 के दौरान विनिर्मित हुंडई टूसों एसयूवी को बाजार से वापस लिया है. इन वाहनों में एंटी लॉक ब्रेक प्रणाली कंप्यूटर है, जिनमें इलेक्ट्रिकल शॉर्ट होने की संभावना है. इससे आग लग सकती है. हालांकि, ऐसे टूसों मॉडल जिनमें हुंदै का स्मार्ट क्रूज कंट्रोल फीचर है, उन्हें बाजार से वापस नहीं लिया गया है.यह भी पढ़ें: Datsun दे रही खास जनवरी ऑफर, ग्राहकों को मिल रही 40 हजार तक की छूट

KIA ने वापस मंगाई ये गाड़ियां- किआ सोरेन्टो एसयूवी (2014 और 2015 के बीच निर्मित), किआ ऑप्टिमा सेडान (2013 और 2015 के बीच निर्मित) और हुंडई सांता फे एसयूवी (2013 और 2015 के बीच निर्मित) वे वाहन हैं जिन्हें यूएस और कनाडा में रिकॉल किया गया है. Kia ने बताया कि ऐसे 8 हादसे हुए हैं.








Source link