Final Year Exams: परीक्षा कराने के फैसले का विरोध, जानें सरकार ने क्या कहा

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Edited By Ratna Priya | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

सांकेतिक तस्‍वीर

Final year exams in colleges and universities: कोरोना वायरस महामारी (Corona virus) के बीच कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में फाइनल ईयर एग्जाम्स कराए जाने के फैसले को लेकर विरोध शुरू हो गया है। स्टूडेंट्स ट्विटर पर #SpeakForStudents के साथ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। अब इस मामले पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बयान जारी किया है।

केंद्रीय मंत्री ने मानव संसाधन विभाग (HRD) और यूजीसी (UGC) के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा है कि ‘स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा और उन्हें बराबर मौके देने की कोशिश हमारे लिए सर्वोपरी है। लेकिन इसके साथ ही शिक्षा प्रणाली में शैक्षणिक विश्वसनीयता, करियर की संभावनाएं और वैश्विक स्तर पर स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाना भी काफी मायने रखता है।

ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि किसी भी शिक्षा प्रणाली में स्टूडेंट्स का शैक्षणिक मूल्यांकन बेहद जरूरी पड़ाव है। परीक्षाएं स्टूडेंट्स की क्षमता, प्रदर्शन और दृढ़ता की झलक होती हैं। खासतौर पर फाइनल ईयर के एग्जाम्स भविष्य में वैश्विक स्तर पर स्टूडेंट्स और उनकी डिग्री को अपनाए जाने के लिए जरूरी हैं।’

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यूजीसी के नए दिशानिर्देशों का पक्ष लेते हुए केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि ‘स्टूडेंट्स के शैक्षणिक हित का ख्याल रखते हुए अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने का फैसला लिया गया है। यूनिवर्सिटी जब संभव हो तब परीक्षाएं करा सकती हैं। इससे स्टूडेंट्स को परेशानी/हानि नहीं होगी।’

गौरतलब है कि यूजीसी (UGC) ने 6 जुलाई 2020 को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें देश की विभिन्न यूनिवर्सिटीज/कॉलेजों को 30 सितंबर 2020 तक फाइनल ईयर / एंड सेमेस्टर एग्जाम्स / बैकलॉग एग्जाम्स कराए जाने के लिए कहा गया है।

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परीक्षा रद्द करने के लिए राज्यों ने केंद्र को भेजी चिट्ठी

इस दिशानिर्देश के जारी होने के बाद से ही विभिन्न राज्य, स्टूडेंट्स, टीचर्स यूजीसी और एचआरडी मिनिस्ट्री की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोविड-19 के हालात में परीक्षाएं कराना स्टूडेंट्स की जिंदगियों को खतरे में डालना है।

महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, पश्चिम बंगाल के कई मंत्री इस संबंध में केंद्र को पत्र भी लिख चुके हैं। पत्र में ये परीक्षाएं न कराए जाने की अपील की गई है।



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