Corona Impact: 73% लोग खरीदना चाहते हैं नई गाड़ी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नहीं मान रहे सेफ

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एक सर्वे के मुताबिक, कोरोना संकट के बीच लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बजाय निजी वाहन से सफर को तरजीह दे रहे हैं.

कोरोना संकट ने लोगों के कामकाज का तरीका ही नहीं पसंद-नापसंद को भी बदल दिया है. सियाम (SIAM) और ग्रांट थॉमसन इंडिया (GTI) के सर्वे के मुताबिक, 29 फीसदी लोग अगले 12 महीने में नई गाड़ी (New Vehicle) लेने की योजना बना रहे हैं क्‍योंकि अब उन्‍हें सार्वजनिक वाहन (Public Transport) से सफर करना सुरक्षित नहीं लगता है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 16, 2020, 10:11 PM IST

अनिल कुमार

नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के प्रकोप (Coronavirus in India) ने लोगों के जीवन जीने के साथ ही कामकाज के सामान्‍य तरीकों में भी बदलाव कर दिया है. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की. इससे देश की पूरी आबादी अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गई. फ्लाइट्स, ट्रेन, जहाज और सड़क परिवहन को भी बंद कर दिया गया. ऐसे में एक से दूसरी जगह जाना लोगों के लिए मुसीबत बन गया. ऐसे हालात में लोगों ने अपने वाहनों को प्राथमिकता दी. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफेक्चरर्स (SIAM) और ग्रांट थॉमसन इंडिया (GTI) के सर्वे में पाया गया है कि करीब 73 फीसदी लोग अर्थव्यवस्था में सुधार होने पर नया वाहन खरीदना चाहते हैं.

29% 12 महीने तो 8% 6 माह में नई गाड़ी खरीदने की बना रहे योजना
सियाम और जीटीआई के सर्वे में हिस्सा लेने वालों में से 29 फीसदी ने कहा कि वे अगले 12 महीने में नई गाड़ी (New Vehicle) खरीदने की योजना बना रहे हैं. वहीं, 8 फीसदी लोगों ने अगले 6 माह में नई गाड़ी लेने की सोच रहे हैं. मौजूदा हालातों के मद्देनजर 56 फीसदी लोगों ने अपने वर्तमान वाहनों के इस्तेमाल करने को ही सही समझा. सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने ये कहा कि कोविड-19 के पहले से ही ऑटोमोबाइल सेक्टर (Automobile Sector) संकट के दौर से गुजर रहा था. कोरोना वायरस ने सेक्‍टर के लिए हालात और खराब कर दिए.ये भी पढ़ें- बैंकिंग रेग्‍युलेशन संशोधन बिल लोकसभा में पास, RBI के अधीन होंगे देश के सभी को-ऑपरेटिव बैंक

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं ज्‍यादातर लोग
सर्वे में दो स्पष्ट ट्रेंड दिख रहे हैं. पहला, ज्‍यादातर लोग निजी वाहनों (Personal Vehicles) से सफर करने को तव्‍वजो दे रहे हैं. ऐसे लोग सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) में सफर को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं. बदहाल भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) और इसका प्रभाव लोगों के नई चिंता का विषय बना हुआ है. इसकी वजह से लोग नया वाहन खरीदने से कतरा रहे हैं. दूसरा, कोविड-19 के कारण पहले गाड़ी नहीं खरीदने वाले लोग भी अब अपना वाहन खरीदना चाहते हैं. सर्वे के दौरान मेट्रो (Metro) और गैर-मेट्रो शहरों (Non-Metro Cities) के 57 फीसदी लोगों ने कहा कि रोजाना आने-जाने के लिए वे यात्री वाहनों का इस्तेमाल करना चाहते हैं.

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20% लोकल एरिया में ट्रेवल करने के लिए खरीदना चाहते हैं 2-व्‍हीलर
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 20 फीसदी लोगों ने कहा कि वे दोपहिया वाहन (2-Wheeler) लेने की इच्छा रखते है. वहीं, 20 फीसदी लोग इलेक्ट्रिक वाहन (E-Vehicle) खरीदने की योजना बना रहे हैं. कोरोना संकट के बीच 68 फीसदी लोग शोरूम जाकर वाहन खरीदना चाहते है. वहीं, 25 फीसदी लोगों ने कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए ऑनलाइन चैनल्स (Online Channels) के जरिये व्‍हीकल की खरीद को तरजीह दी. इसके अलावा 7 फीसदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platforms) के जरिये वाहन के चुनाव की बात की.





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