CBSE revaluation result 2020: रिजल्ट में गड़बड़ी? जानें पूरा मामला

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CBSE re-evaluation result me gadbadi? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के इस साल के रिजल्ट पर एक विवाद सामने आया है। यह मामला सीबीएसई 2020 री-इवैल्युएशन रिजल्ट का है। सीबीएसई से संबद्ध और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल गोपाल दास सोनी डीएवी सीनियर सेकंडरी स्कूल के 12वीं के स्टूडेंट ने इस संबंध में शिकायत की है।

स्टूडेंट योगेश का कहना है कि 13 जुलाई 2020 को सीबीएसई द्वारा जारी 12वीं के रिजल्ट में उसे फिजिकल एजुकेशन सब्जेक्ट में कंपार्टमेंट मिला था। इस विषय में थ्योरी में पास होने के लिए 23 अंक चाहिए थे, जबकि उसे 18 मिले थे। जिसके बाद योगेश ने री-इवैल्युशन के लिए आवेदन किया।

योगेश ने बताया कि ‘री-इवैल्युशन रिजल्ट आने पर फिजिकल एजुकेशन में मेरे 5 अंक बढ़ गए और मैं पास हो गया। मैं खुश था कि अब मुझे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा और साल बर्बाद नहीं होगा। मैंने इग्नू (IGNOU) में आवेदन किया था। लेकिन झटका तब लगा जब मैंने इग्नू एडमिशन के लिए अपनी सीबीएसई 12वीं की ऑनलाइन मार्कशीट चेक की। उसमें मैं फिजिकल एजुकेशन में तो पास हो गया था, लेकिन अब मुझे इंग्लिश में कंपार्टमेंट दिखाया जा रहा है। जबकि स्कूल से मिली मार्कशीट की हार्ड कॉपी में मैं इंग्लिश में पास हूं। स्कूल ने कहा कि ऑनलाइन मार्कशीट में कोई टेक्निकल एरर हो सकता है।’

योगेश ने कहा कि ‘मैंने कई बार अपनी ऑनलाइन मार्कशीट चेक की, लेकिन अब भी इंग्लिश में कंपार्टमेंट ही दिख रहा है। ओरिजिनल रिजल्ट में मुझे इंग्लिश थ्योरी में 26 अंक मिले थे। इतने ही पास होने के लिए जरूरत होती है। लेकिन अब 24 अंक दिख रहे हैं।’

योगेश का कहना है कि मुझे लगा था कि फिजिकल एजुकेशन की परीक्षा में बैठना होगा, इसलिए मैंने 300 रुपये फीस देकर उस विषय का फॉर्म भी भर दिया था। अब इंग्लिश में ये गड़बड़ी दिख रही है। जब मैं कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन करने का समय भी निकल चुका है। मैं फंस गया हूं।

इस संबंध में अब तक सीबीएसई की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। वहीं, एजुकेशन एक्टिविस्ट और वकील अशोक अग्रवाल इस मामले में सीबीएसई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की तैयारी कर रहे हैं।



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