Barmer Khabar: लिग्नाइट के लिए आवंटित भूमि पर अवैध खनन, प्रशासन में मचा हड़कंप

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Barmer: पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan) के बाड़मेर (Barmer) जिले के गिरल गांव में आरएसएमएमएल को लिग्नाइट के लिए आवंटित भूमि के साथ ही सैकड़ों बीघा गोचर भूमि पर लिग्नाइट का अवैध खनन (Illegal Mining) करने का मामला सामने आया है. यहां पर ग्रामीणों ने न्यायालय की शरण लेकर लिग्नाइट के अवैध खनन को रुकवाया है. वहीं, खनन विभाग का कार्यालय भी गिरल गांव में अवैध रूप से गोचर भूमि पर बना हुआ है.

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बाड़मेर गिरल लिग्नाइट खनन को लेकर गोचर भूमि पर अवैध खनन के खुलासे के बाद ग्रिल के अधिकारियों से लेकर प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार, खसरा संख्या 133 में 543 बीघा जमीन पर ग्रिल ने बिना अनुमति के लाखो टन कोयला खनन कर दिया और इस बात की कानों कान खबर न तो ग्रामीणों को मिली, न ही प्रशासन के अधिकारियों को.

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इस बात का खुलासा तो तहसीलदार की रिपोर्ट में हुआ, जिसमें तहसीलदार ने यह माना है कि गिरल ने गोचर भूमि पर अवैध खनन किया है. 133 नंबर खसरा के 75 फ़ीसदी भी खनन कर दिया गया है. यहां तक की गिरल के अंदर खनन विभाग का जो कार्यालय बना हुआ है वह भी गोचर जमीन पर बना हुआ है.

क्या कहना है गांव के सरपंच का
गांव के सरपंच के अनुसार, वह लगातार इस बात की जानकारी प्रशासन और नेताओं को देते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी आखिर में कोर्ट में हम इस मामले को लेकर कोर्ट ने आदेश दिए उसके बावजूद भी खनन नहीं रुका. उसके बाद हमने स्टे की कॉपी उपखंड अधिकारी को दी जिसके बाद उपखंड अधिकारी ने तहसीलदार को भेजकर जांच करवाई हो, जिसमें इस बात का खुलासा हुआ उसके बाद खनन रुका है लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के गोचर पर जो खनन हुआ है, उसका कंपनी ग्राम पंचायत को मुआवजा दे और लापरवाह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो.

कैमरे से बचते नजर आए अधिकारी
जब इस पूरे मामले को लेकर आर एस एम एम एल के अधिकारियों से हमने बातचीत करने की कोशिश की तो वह कैमरे से बचते नजर आए. सबसे बड़ा सवाल है कि गोचर को बचाने के लिए तो ग्रामीणों अपनी जान तक दे देते हैं लेकिन कंपनी ने प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर भ्रष्टाचार करने के लिए गोचर भूमि को अपना निशाना बनाया अब देखने वाली बात होगी कि इस पूरे मामले की जांच में सरकार कब और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है.

Reporter- Bhupesh Acharya

 





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