9 महीने से साथ काम कर रहे धूमल बोले- आईसीसी चेयरमैन के लिए सौरव गांगुली परफेक्ट, आईसीसी को उनके जैसे अध्यक्ष की जरूरत भी है

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  • बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा- बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर गांगुली की अभी सबसे ज्यादा जरूरत है
  • ‘आईसीसी के नए चेयरमैन के लिए गांगुली उम्मीदवार होंगे या नहीं, बीसीसीआई ने इस पर आखिरी फैसला नहीं लिया’

दैनिक भास्कर

Jul 09, 2020, 12:14 AM IST

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली आज 48 साल के हो गए हैं। उनका जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था। इस खास मौके पर भास्कर ने बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल से बात की। 9 महीने से साथ काम कर रहे धूमल ने कहा कि गांगुली ने जिस तरह से भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए कई सफलताएं दिलाई थीं। ठीक उसी प्रकार बीसीसीआई में काम कर रहे हैं। आज इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को उनके जैसे ही अध्यक्ष की जरूरत है।

पिछले साल अक्टूबर में गांगुली और धूमल ने साथ में ही पदभार संभाला था। गांगुली का इसी महीने में कार्यकाल खत्म हो रहा है। नियम के मुताबिक, उन्हें तीन साल के अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ पीरियड) पर जाना होगा। हालांकि, बीसीसीआई ने उनका कार्यकाल बढ़ाने और नियम में संशोधन की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इन सभी मुद्दों पर भास्कर ने धूमल से बात की…

क्या बीसीसीआई गांगुली के नाम आईसीसी अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित करेगी?
धूमल: कोरोना के बाद वर्ल्ड क्रिकेट के सामने जिस तरह की चुनौतियां आई हैं, ऐसे में आईसीसी को गांगुली जैसे नेतृत्व क्षमता वाले व्यक्ति की जरूरत है। लेकिन, उससे कहीं ज्यादा उनकी जरूरत बीसीसीआई को है, क्योंकि दुनिया को सुधारने से पहले अपने घर को भी मजबूत करना जरूरी है। हालांकि, बीसीसीआई ने गांगुली आईसीसी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार होंगे या नहीं, इस पर आखिरी फैसला नहीं लिया है। रही बात कूलिंग ऑफ पीरियड की, तो इसको लेकर अभी कोर्ट के आदेश का इंतजार है। कोर्ट का आदेश सभी को मान्य होगा। 

बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद गांगुली का विजन क्या रहा है?
धूमल: गांगुली का मुख्य लक्ष्य बीसीसीआई और खिलाड़ियों को मजबूत बनाना और उसे सफलता की ओर आगे ले जाना है। इसी को लेकर घरेलू क्रिकेट में सुविधाएं और खिलाड़ियों की आय बढ़ाने को लेकर कई फैसले किए गए हैं। कोरोना के कारण कई क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती की है, लेकिन बीसीसीआई ने ऐसा नहीं किया। गांगुली ने दूसरे खर्चों में कटौती करना मंजूर किया, लेकिन खिलाड़ियों का वेतन नहीं रोका या काटा गया।

आपको गांगुली में किस तरह की खूबियां नजर आई?
धूमल: गांगुली में शानदार नेतृत्व क्षमता है। उन्होंने जिस तरह कप्तानी करते हुए भारतीय टीम को सफलताएं दिलाईं, उसी प्रकार का जज्बा उनमें बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद भी दिखा है। वे जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करते हैं। उन्होंने इंडिया टीम की तरह बीसीसीआई में भी कई नए और युवा अधिकारियों को मौका दिया।

कोरोना के बाद आई चुनौती से निपटने को लेकर गांगुली की क्या रणनीति रही?
धूमल: उन्होंने चुनौतियों का शांत रहकर ही मुकाबला करने की तैयारी की है। सबसे पहले खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की ताकि किसी को जोखिम में न डाला जाए। कोरोना के कारण क्रिकेट बंद है। ट्रेनिंग नहीं हो रही है। अभी आने वाले कुछ महीनों में इसके शुरू होने की उम्मीद भी नहीं है। लेकिन, जब खिलाड़ी मैदान में लौटेंगे तो उन्हें परेशानी न हो, इसको लेकर रणनीति बनाई है। उस पर पूरी टीम काम कर रही है।



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