12 प्‍लस बच्चों के लिए तैयार ‘Zycov-d’, जानें कोरोना के अन्‍य वैक्‍सीन से कैसे है ये अलग

0
3


Know Everything Abour Zycov-D Vaccine: देश में कोरोना (Corona) महामारी अभी भी पूरी तरह से समाप्‍त नहीं हुआ है.  माना जा रहा है कि इस वायरस को पूरी तरह से समाप्‍त करना है तो इसका एक मात्र उपाय वैक्‍सीन ही है. वैक्‍सीन (Vaccine) ही एक मात्र विकल्‍प है जो हमें इस जानलेवा बीमारी से बचा सकती है. पिछले दिनों बच्‍चों के लिए भी एक वैक्‍सीन अप्रूव हुई है. जायकोव -डी (Zycov-D) नाम के इस वैक्‍सीन को इमरजेंसी यूज का DGCI से अप्रूवल मिला है. भारतीय फार्मास्‍युटिकल कपंनी जायडस कैडिला ने इस वैक्‍सीन को तैयार किया है जिसे दुनिया की पहली DNA आधारित वैक्‍सीन माना जा रहा है.

एनडीटीवी  की खबर के अनुसार, भारतीय फार्मा प्रमुख जायडस कैडिला द्वारा विकसित डीएनए कोविड वैक्सीन जायकोव -डी दुनिया की पहली ऐसी वैक्सीन है. आमतौर पर टीका लेने वालों में इम्‍यूनिटी बूस्‍ट करने के  लिए कोविड-19 वायरस के आनुवंशिक कोड का इस्तेमाल किया जाता है. फाइजर और मॉडर्न जैसे अन्य टीके mRNA तकनीक पर आधारित हैं, जबकि कोविशील्ड वायरल वेक्टर तकनीक से तैयार वैक्सीन है.बता दें कि यह देश में उपलब्‍ध होने वाली चौथी और अप्रूवल पाने वाली छठी वैक्‍सीन है. बताया जा रहा है कि अक्‍टूबर में जायकोव-डी वैक्‍सीन 12 साल और उससे ज्‍यादा उम्र के बच्‍चों (Kids) के लिए उपलब्‍ध हो जाएगी.

इसलिए है खास

1.निडिल फ्री वैक्‍सीन

आपको बता दें कि जायकोव-डी वैक्‍सीन नीडिल फ्री वैक्‍सीन है यानी कि इसे लगाने के लिए इंजेक्‍शन का प्रयोग नहीं किया जाएगा. जेट इंजेक्‍टर तरीके से इसे लगाया जाएगा जो अमेरिका में काफी पॉपुलर है.

2.पैच की तरह किया जाएगा प्रयोग

एनडीटीवी के मुताबिक, इसे एक पैच के रूप में बांह पर मशीन की मदद से चिपकाया जाएगा और यह कुछ घंटों तक हैंडीप्‍लास्‍ट तक हमारी स्किन पर चिपकी रहेगी. यह वैक्‍सीन कंप्रेस्‍ड गैस और स्प्रिंग जैसी मशीन के प्रयोग से किया जाएगा. जिस वजह से यह दर्द रहित रहेगा.

यह भी पढ़ें- कोरोना के बाद यदि दिखाई देते हैं ये लक्षण तो तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क- रिसर्च

3.डीएनए आधारित वैक्‍सीन

जायकोव-डी वैक्‍सीन दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्‍सीन है जो हमारे शरीर के डीएनए का इस्‍तेमाल कर इम्‍यून प्रोटीन विकसिक किया जाता है और जो बॉडी में संक्रमण को रोकने का काम करता है.

4.लगाने होंगे तीन टीके

जायकोव-डी वैक्‍सीन में कुल तीन डोज लगाए जाएंगे. दूसरा डोज 28 दिन बाद जबकि तीसरा डोज पहले डोज के 56 दिन बाद लगेगा.

5.स्‍टोरेज आसान

जायको‍व-डी को 2 से 8 डिग्री के तापमान पर रखा जा सकता है. इसे 25 डिगी के रूम टेम्‍पे्रेचर पर भी रख सकते हैं. इसलिए इसे रखने के लिए कोल्‍ड चेन की जरूरत नहीं पड़ती है.

इसे भी पढेंं : कोरोना से सुरक्षित रहने में Antibody की क्‍या है भूमिका ? जानें संक्रमण के बाद कैसे करता है ये काम

 

6.जेट इंजेक्‍टर तकनीक

जेट इंजेक्‍टर तकनीक से लगाए जाने की वजह से वैक्‍सीन लगाने में दर्द नहीं होता है. इससे इंफेक्‍शन का खतरा भी कम होता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

पिछला लेखराष्ट्रीय खेल दिवस पर भाविना ने दिया तोहफा, पैरालंपिक गेम्स में जीता सिल्वर मेडल
अगला लेखएक उम्र के बाद क्‍यों बढ़ने लगती है थकान? जानें इसकी वजह और करें ये उपाय
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।