सेना को मिलेंगे स्वार्म ड्रोन, कारबाइन और बुलेट प्रूफ जैकेट, 28 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीद को मंजूरी

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रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र ड्रोन, कार्बाइन और बुलेटप्रूफ जैकेट सहित रक्षा बलों के लिए 28,732 करोड़ रुपये से अधिक के हथियारों की खरीद को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में एलओसी पर तैनात सैनिकों के लिए दुश्मन के स्निपर्स के खतरे के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में निकट युद्ध अभियानों के मद्देनजर बुलेटप्रूफ जैकेट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

हाइब्रिड जंग की तैयारी के लिए रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने 28 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सेना स्वार्म ड्रोन, कारबाइन और बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदेगी। यह खरीद घरेलू रक्षा उद्योग से की जाएगी। लद्दाख में बीते दो साल से जारी तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डीएसी ने इस खरीद को मंजूरी दी है।  

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक डीएसी ने सशस्त्र बलों के 28,732 करोड़ रुपये के हथियार खरीदने के स्वीकृति प्रस्ताव (एओएन) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चार लाख क्लोज क्वार्टर जंगी कारबाइन खरीदी जाएंगी। इनके जरिये सेना को पारंपरिक व हाइब्रिड युद्ध में मजबूती मिलेगी। मंत्रालय ने कहा, यह खरीद उत्तरी व पश्चिमी सीमाओं पर तैनात हमारे जवानों की जंगी क्षमता को बढ़ाएगी। साथ ही घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती देगी और लघु आयुध निर्माणी में आत्मनिर्भर भारत मुहिम को बढ़ावा देगी। 

दुश्मन की गोलियों से बचाएगा बुलेटप्रूफ जैकेट 
डीएसी ने एलओसी पर तैनात जवानों की जान को खतरे के मद्देनजर लगातार हो रही बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग को भी स्वीकार कर लिया। बुलेट प्रूफ जैकेट दुश्मनों व आतंकवादियों की गोलियों से हमारे जवानों को बचाएंगे। ये जैकेट भारतीय मानक बीआईएस छह स्तर की सुरक्षा प्रदान करेंगे। 

ड्रोन निगरानी को करेंगे मजबूत
स्वार्म ड्रोन से सेना की निगरानी क्षमता बढ़ेगी। मंत्रालय ने कहा, ड्रोन टेकभनोलॉजी सैन्य परिचालन में महत्वपूर्ण योगदान किया है। इसके आने सेना की ताकत में इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के लिए स्वार्म ड्रोन की खरीद को हरी झंडी दी गई है। 

संघर्ष के वैश्विक हालात ने आधुनिक युद्ध की पृष्ठभूमि को बदला
मंत्रालय के मुताबिक दुनिया भर में जारी संघर्ष के मौजूदा हालात ने आधुनिक युद्ध की जो पृष्ठभूमि तैयार की है, उससे निपटने की तैयारी के लिए आधुनिकीकरण बहुत जरूरी है। तमाम प्रौद्योगिकी का सहारा लेते हुए जरूरी है कि सेना को मजबूती प्रदान की जाए। डीएसी द्वारा रक्षा खरीद की इस मंजूरी से भारती सेना की जंगी क्षमता में इजाफा होगा। 

1250 केडब्ल्यू क्षमता के गैस टर्बाइन जनरेटर खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी
डीएसी ने साथ ही 1250 केडब्ल्यू क्षमता वाले समुद्री गैस टर्बाइन जनरेटर की खरीद वाले नौसेना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसे भारतीय उद्योग द्वारा तैयार किया जाएगा और यह कोलकाता क्लास के जहाजों में बिजली उत्पादन में मदद करेंगे। इससे गैस टर्बाइन जनरेटर बनाने वाले घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। डीएसी ने समुद्री निगरानी की क्षमता बढ़ाने के लिए 14 निगरानी जहाजों की खरीद वाले भारतीय तटरक्षक के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। 

भारतीय सेना के तीन प्रस्ताव
रक्षा मंत्रालय बैठक में डीएसी द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों में भारतीय सेना के तीन प्रस्ताव हैं- जिनमें गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन, एरिया डेनियल मुनिशन टाइप-I और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल कमांड शामिल हैं। इन्हें DRDO द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। इन 3 प्रस्तावों का कुल मूल्य 8,599 करोड़ रुपये है। गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन की रेंज 75 किलोमीटर है और सटीकता 40 मीटर है। एरियल डेनियल मुनिशन टाइप-I रॉकेट एम्युनिशन में दोहरे उद्देश्य वाले सब-म्यूनिशन शामिल हैं जो दोनों टैंकों को बेअसर करने में सक्षम हैं। इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल – कमांड कार्यों के निष्पादन के लिए त्वरित निर्णय लेने की सुविधा के लिए कमांडरों को वास्तविक समय की जानकारी एकत्र करने, प्रसारित करने, साझा करने और प्रस्तुत करने की तकनीक से लैस है।

विस्तार

रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र ड्रोन, कार्बाइन और बुलेटप्रूफ जैकेट सहित रक्षा बलों के लिए 28,732 करोड़ रुपये से अधिक के हथियारों की खरीद को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में एलओसी पर तैनात सैनिकों के लिए दुश्मन के स्निपर्स के खतरे के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में निकट युद्ध अभियानों के मद्देनजर बुलेटप्रूफ जैकेट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

हाइब्रिड जंग की तैयारी के लिए रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने 28 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सेना स्वार्म ड्रोन, कारबाइन और बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदेगी। यह खरीद घरेलू रक्षा उद्योग से की जाएगी। लद्दाख में बीते दो साल से जारी तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डीएसी ने इस खरीद को मंजूरी दी है।  

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक डीएसी ने सशस्त्र बलों के 28,732 करोड़ रुपये के हथियार खरीदने के स्वीकृति प्रस्ताव (एओएन) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चार लाख क्लोज क्वार्टर जंगी कारबाइन खरीदी जाएंगी। इनके जरिये सेना को पारंपरिक व हाइब्रिड युद्ध में मजबूती मिलेगी। मंत्रालय ने कहा, यह खरीद उत्तरी व पश्चिमी सीमाओं पर तैनात हमारे जवानों की जंगी क्षमता को बढ़ाएगी। साथ ही घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती देगी और लघु आयुध निर्माणी में आत्मनिर्भर भारत मुहिम को बढ़ावा देगी। 

दुश्मन की गोलियों से बचाएगा बुलेटप्रूफ जैकेट 

डीएसी ने एलओसी पर तैनात जवानों की जान को खतरे के मद्देनजर लगातार हो रही बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग को भी स्वीकार कर लिया। बुलेट प्रूफ जैकेट दुश्मनों व आतंकवादियों की गोलियों से हमारे जवानों को बचाएंगे। ये जैकेट भारतीय मानक बीआईएस छह स्तर की सुरक्षा प्रदान करेंगे। 

ड्रोन निगरानी को करेंगे मजबूत

स्वार्म ड्रोन से सेना की निगरानी क्षमता बढ़ेगी। मंत्रालय ने कहा, ड्रोन टेकभनोलॉजी सैन्य परिचालन में महत्वपूर्ण योगदान किया है। इसके आने सेना की ताकत में इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के लिए स्वार्म ड्रोन की खरीद को हरी झंडी दी गई है। 

संघर्ष के वैश्विक हालात ने आधुनिक युद्ध की पृष्ठभूमि को बदला

मंत्रालय के मुताबिक दुनिया भर में जारी संघर्ष के मौजूदा हालात ने आधुनिक युद्ध की जो पृष्ठभूमि तैयार की है, उससे निपटने की तैयारी के लिए आधुनिकीकरण बहुत जरूरी है। तमाम प्रौद्योगिकी का सहारा लेते हुए जरूरी है कि सेना को मजबूती प्रदान की जाए। डीएसी द्वारा रक्षा खरीद की इस मंजूरी से भारती सेना की जंगी क्षमता में इजाफा होगा। 

1250 केडब्ल्यू क्षमता के गैस टर्बाइन जनरेटर खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी

डीएसी ने साथ ही 1250 केडब्ल्यू क्षमता वाले समुद्री गैस टर्बाइन जनरेटर की खरीद वाले नौसेना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसे भारतीय उद्योग द्वारा तैयार किया जाएगा और यह कोलकाता क्लास के जहाजों में बिजली उत्पादन में मदद करेंगे। इससे गैस टर्बाइन जनरेटर बनाने वाले घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। डीएसी ने समुद्री निगरानी की क्षमता बढ़ाने के लिए 14 निगरानी जहाजों की खरीद वाले भारतीय तटरक्षक के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। 

भारतीय सेना के तीन प्रस्ताव

रक्षा मंत्रालय बैठक में डीएसी द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों में भारतीय सेना के तीन प्रस्ताव हैं- जिनमें गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन, एरिया डेनियल मुनिशन टाइप-I और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल कमांड शामिल हैं। इन्हें DRDO द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। इन 3 प्रस्तावों का कुल मूल्य 8,599 करोड़ रुपये है। गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन की रेंज 75 किलोमीटर है और सटीकता 40 मीटर है। एरियल डेनियल मुनिशन टाइप-I रॉकेट एम्युनिशन में दोहरे उद्देश्य वाले सब-म्यूनिशन शामिल हैं जो दोनों टैंकों को बेअसर करने में सक्षम हैं। इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल – कमांड कार्यों के निष्पादन के लिए त्वरित निर्णय लेने की सुविधा के लिए कमांडरों को वास्तविक समय की जानकारी एकत्र करने, प्रसारित करने, साझा करने और प्रस्तुत करने की तकनीक से लैस है।



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