सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराए जाने से दुखी एकता कपूर, बोलीं- मैंने ही उसे लॉन्च किया है

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दैनिक भास्कर

Jun 17, 2020, 08:39 PM IST

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से फैंस के साथ इंडस्ट्री के कई करीबियों को तेज धक्का लगा है। हर कोई सुशांत के डिप्रेशन का कारण इंडस्ट्री द्वारा ना अपनाया जाना बता रहा है। हाल ही में खबरे हैं कि सुशांत ने 8 फिल्में साइन की थीं जिनमें से 7 से उन्हें निकालकर दूसरे कलाकारों को ले लिया गया। इस मामले के गर्म होने पर अब बिहार में एकता कपूर समेत 7 निर्माताओं के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है जिससे एकता कपूर काफी दुखी हैं।

हाल ही में एकता ने अपना दुख जताते हुए लिखा, ‘सुश को कास्ट ना करने पर केस करने के लिए शुक्रिया। जबकि असल में मैंने ही उसे लॉन्च किया है। लोग बातों को कितना जटिल बना देते हैं इसपर मैं दुखी से भी ज्यादा हूं। प्लीज परिवार और दोस्तों के शांति से शोक मनाने दीजिए। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कनेक्शन में बॉलीवुड डायरेक्टर करण जौहर, संजय लीला भंसाली और एकता कपूर समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें सलमान खान भी शामिल हैं’। 

आगे उन्होंने शिकायत के बारे में बताते हुए लिखा, ‘मुझपर आरोप हैं कि सुशांत सिंह राजपूत को लगभग 7 फिल्मों से निकाला गया है और उनकी कुछ फिल्मों को रिलीज नहीं किया गया। इस तरह की स्थिति बनीं जो उसे बड़ा कदम उठाने पर मजबूर करती हैं- एडवोकेट सुधीर कुमार ओझा ने ऐसा कहा’।

11 साल पहले एकता ने पवित्र रिश्ता से किया था लॉन्च

सुशांत ने साल 2009 में एकता कपूर के शो पवित्र रिश्ता से टेलीविजन इंडस्ट्री में कदम रखा था। 2 जून को इस शो ने 11 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर एकता ने बताया था कि शो की क्रिएटिव टीम सुशांत को कास्ट नहीं करना चाहती थीं मगर एकता ने अपनी टीम को इसके लिए राजी किया था। उन्हें यकीन था कि सुशांत की मुस्कान लोगों का दिल जीत लेगी। इस पोस्ट में सुशांत ने भी एकता का आभार जताया था। सुशांत की मौत की खबर पर एकता ने उनकी बातों के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे।

आत्महत्या के लिए उकसाने का केस

एडवोकेट सुधीर कुमार ओझा ने करन जौहर, आदित्य चोपड़ा, साजिद नाडियाडवाला, सलमान खान, संजय लीला भंसाली, भूषण कुमार, एकता कपूर और दिनेश विजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंनें इन सभी पर सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ओझा ने दावा किया कि अगर आरोप सही साबित होने पर सभी आरोपियों को 10 साल तक की कैद हो सकती है। उन्होंने कहा, “आईपीसी की धारा 306 और 109 के तहत ‘केस कंप्लेन’ यानी परिवाद पत्र दाखिल हुआ है। ये धाराएं आत्महत्या करने के लिए उकसाने की हैं।”





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