शोध में खुलासा-डिप्रेशन कम करने में प्रोबायोटिक हो सकता है मददगार

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प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपका पाचन और प्रतिरक्षा को बेहतर होता है.

प्रोबायोटिक्स (Probiotic) खाद्य पदार्थ वह होते हैं जो आपके आंत में अच्छे बैक्टीरिया (Bacteria) को बढ़ाने के लिए लड़ते हैं.

प्रोबायोटिक (Probiotic) और प्रीबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन आपके आंत को स्‍वास्‍थ्‍य (Health) बनाने में मदद करता है. ये दोनों तरह के खाद्य पदार्थ आपके शरीर में जाकर अलग-अलग तरह के काम करते हैं. प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थ वह होते हैं जो आपके आंत में अच्छे बैक्टीरिया (Bacteria) को बढ़ाने के लिए लड़ते हैं, वहीं प्रीबायोटिक्स खाद्य पदार्थ उन्हें आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं ताकि मौजूद बैक्टीरिया जीवित रहने के लिए पोषण प्राप्त करने में सक्षम हों.

सीएनएन की खबर के अनुसार प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपके पाचन और प्रतिरक्षा को बेहतर होता है, लेकिन इससे जुड़ा एक नया तत्‍थ्‍य सामने आया है, जिसके बारे में शायद आप अनजान होंगे. हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि प्रोबायोटिक्‍स मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देते हैं और आदमी को डिप्रेशन से बचाते हैं. शोध में और कौन सी बातों का पता चला है इसके बारे में हम आपको इस लेख में बता रहे हैं.

रिसर्च में क्या पता चला है?
प्रोबायोटिक्‍स को लेकर हाल में स्वास्थ्य पत्रिका बीएमजे न्यूट्रिशन प्रिवेंशन एंड हेल्थ में एक शोध लेख प्रकाशित हुआ है. लेख में बताया गया है कि हमारा शरीर और मन आपस में जुड़ा हुआ है. हमारी आंत और दिमाग भी जुड़ा हुआ है और यही कारण है कि हमारा खानपान मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इसलिए प्रोबायोटिक्स का अकेले सेवन करना या इसे प्रीबायोटिक्स के साथ मिलाना, दोनों ही हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं. शोध में पता चला है कि प्रोबायोटिक्स में सक्रिय बैक्टीरिया होते हैं और प्रीबायोटिक्स उन्हें पनपने में और उनके अनूकूल वातावरण बनाने में मदद करते हैं.प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स पर हुए शोध में पता चला है कि प्रोबायोटिक्स डिप्रेशन और चिंता के लक्षणों को कम कर सकते हैं. माना जाता है कि वे ट्रिप्टोफैन रसायन को उत्प्रेरित करते हैं, जो मनोरोग संबंधी विकारों के संभावित इलाज के लिए जाना जाता है.शोधकर्ताओं के अनुसार ‘इस तरह से, तंत्र की बेहतर समझ के साथ, प्रोबायोटिक्स विस्तृत परिस्थितियों में एक उपयोगी उपकरण साबित हो सकता है. इस प्रकार, प्रोबायोटिक्स का सामान्य मानसिक विकारों से ग्रस्‍त रोगियों पर जो प्रभाव पड़ता है, वह दोगना हो सकता है.





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