रिया चक्रवर्ती के मुर्दाघर में जाने के मामले में नियमों का नहीं हुआ कोई उल्लंघन : महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग

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आयोग ने 25 अगस्त को अस्पताल और पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जब कुछ समाचार चैनलों ने दावा किया था कि राजपूत की लिव इन पार्टनर चक्रवर्ती को मानदंडों का उल्लंघन करते हुए मुर्दाघर में पोस्टमार्टम कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई थी.

अधिकारी ने कहा, “दोनों एजेंसियों, विशेष रूप से अस्पताल, ने दस्तावेजों और तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट सौंपी. पोस्टमार्टम कक्ष में किसी भी अजनबी या तीसरे पक्ष को जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. ये निषिद्ध क्षेत्र हैं.”

अस्पताल के डीन के अनुसार, चक्रवर्ती आगंतुकों और रिश्तेदारों के लिए बनाए गए प्रतीक्षा क्षेत्र में मौजूद रही होंगी, जब राजपूत का शव 15 जून को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था. उन्होंने कहा, “पुलिस की कोई भूमिका नहीं थी क्योंकि एक बार शव को शवगृह (को पोस्टमॉर्टम के लिए) को सौंप दिया गया, तो फिर उनकी कोई भूमिका नहीं है.”

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अधिकारी ने कहा, “पुलिस की भूमिका तब फिर शुरू हुई जब शव उन्हें सौंप दिया गया और उसने इसे रिश्तेदारों को सौंप दिया.” अधिकारी ने कहा कि राजपूत का शव उनकी बहन को सौंप दिया गया था. अधिकारी ने कहा, “इन सभी पहलुओं को देखते हुए, आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि डीन या पुलिस की ओर से नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया गया.”

राजपूत (34) ने 14 जून को उपनगरीय बांद्रा में अपने फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. रिया चक्रवर्ती को बाद में अभिनेता की मौत से संबंधित ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया। वह सुशांत को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में सीबीआई जांच का भी सामना कर रही है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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