ये लोग होते हैं किस्मत के धनी

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Numerology Lucky Number: हमारे जीवन में मूलांक का काफी महत्व है.मूलांक के जरिए व्यक्ति के जीवन में क्या घटित होने वाला है? उसका अनुमान लगाया जा सकता है. अंक ज्योतिष में किसी भी व्यक्ति की जन्म तारीख से प्राप्त होने वाले मूलांक के जरिये आप उसकी खूबियां, कमियां, आदतें व स्वभाव विस्तार से जान सकते हैं. अंक ज्योतिष यानि के अनुसार, हमारे जीवन को मुख्यतः तीन तरह के अंक प्रभावित करते हैं – जिनमें पहला है- मूलांक, दूसरा है-भाग्यांक और तीसरा है – नामांक. इसमें सात अंक का विशेष महत्व होता है.अंकज्योतिष के अनुसार मूलांक 7 को काफी भाग्यशाली माना गया है. ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म महीने की 7, 16 और 25 तारीख को होता है, उनका मूलांक 7 बनता है.

जानें मूलांक,भाग्यांक और नामांक में अंतर

मूलांक- किसी भी जातक की जन्म तारीख 1 से 9 के बीच में आती है तो उस व्यक्ति का मूलांक उस तारीख को आने वाली संख्या को माना जाता है. जैसे किसी व्यक्ति का जन्म 30 अगस्त को आता है या फिर 1 फरवरी को आता है 30 वाले का मूलांक 3 होगा और 1 फरवरी वाले का मूलांक 1 होगा. अगर यह संख्या 2 में है जैसे 31 जून तो इसको आपस में जोड़कर मूलांक निकालेंगे जैसे 3+1=4 उस व्यक्ति का मूलांक 4 होगा. जिसके आधार पर वह अपने बारे में जानकारी जुटा सकता है.

भाग्यंक- भाग्यंक की गणना मूलांक की गणना से थोड़ी विस्तृत होती है. इसमें जातक की जन्म तारीख, महीना और साल तीनों को जोड़कर जो संख्या प्राप्त होती है वह जातक का भाग्य अंक कहलाता है. इसको इस तरह से समझें जैसे किसी व्यक्ति की तारीख 31/5/2022 है तो सभी को जोड़कर जो संख्या प्राप्त होगी वह उसका भाग्य अंक होगा. जैसे 3+1+5+2+0+2+2=15=1+5=6 इस जन्म तिथि के जातक का भाग्य अंग 6 है. विवाह, काम करने की जगह, भाग्यशाली शहर, लकी अंक आदि के बारे में भाग्यांक के द्वारा ही जाना जाता है.

नामांक- नाम के अक्षरों का योग नामांक कहलाता है. नामांक की गणना करना बेहद जटिल कार्य है, नामांक को सौभाग्य अंक भी कहा जाता है .A से Z तक सभी अल्फाबेट्स के लिए अलग अलग नंबर तय किए गए हैं. अंक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के नाम के अल्फाबेट्स को जोड़कर भाग्यशाली अंक मालूम किया जा सकता है. उन नंबरों को जोड़कर खास अंक मालूम किया जाता है. अंक ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उसके नामांक से उचित और अनुकूल परिणाम नहीं मिल रहें तो वह अपना नाम बदलकर या नाम में हल्के बदलाव करके अच्छे वा प्रतिकूल परिणाम पा सकता है.

मूलांक 7 का महत्व 
मूलांक सृष्टि में इस अंक का बड़ा महत्व माना गया है. 7 महासागर हैं, अग्नि के 7 फेरे , सप्ताह में कुल 7 दिन, 7 सुर हैं और इंद्रधनुष के रंग भी 7 माने गए हैं , जिनका मनुष्य से गहरा नाता है. कुल मिलाकर 7 अंक को पूर्णता का एहसास माना जाता है, जिस वजह से इस अंक को शुभ माना गया है.

कैसे होते हैं मूलांक 7 वाले लोग

  • ये भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले से ही भांप लेते हैं. 
  • ये जिस क्षेत्र में काम करते हैं उसकी पूरी जानकारी रखते हैं.
  • अंकज्योतिष के मुताबिक ऐसे लोग काफी सौभाग्यशाली होते हैं.
  • ऐसे लोगों को जिंदगी में खूब मान- सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है.
  • इनको भीड़ पसंद नहीं है इसलिए अकसर अकेला रहना पसंद करते हैं.
  • धार्मिक कार्यों की तरफ इनकी काफी रुचि होती है.
  • इनका आकर्षक व्यक्तित्व दूसरों पर अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहता है. 
  • ये किसी को प्यार करते हैं तो पूरे दिल से उसके लिए समर्पित रहते हैं.
  • इन लोग खुद पर नियंत्रण भी अच्छे से करना जानते हैं.
  • ये लोग घर को सुसज्जित रखना पसंद करते हैं.इनको बिखरे सामान से चिढ़ होती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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