मुझे उससे कोई उम्मीद नहीं… जब बचपन के दोस्त सचिन को यादकर भावुक हुए विनोद कांबली

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नई दिल्ली: रोजगार की तलाश में भटक रहे विनोद कांबली (Vinod Kambli) ने साफ कर दिया कि वह अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) से कोई उम्मीद नहीं रखते। 50 साल के विनोद कांबली की माने तो उन्हें पैसों की सख्त जरूरत हैं। बीसीसीआई से मिलने वाली 30 हजार रुपये पेंशन से पेट पल रहा है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर की इस हालत से सचिन भी भली-भांति परिचित है।

बेहद छोटा और शानदार करियर
भारत के लिए 104 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेलने वाले विनोद कांबली ने दोनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 3561 रन बनाए हैं, जिसमें चार टेस्ट तो 2 टेस्ट शतक भी शामिल हैं। साल 1991 में डेब्यू करने वाले कांबली ने अपने करियर का आखिरी मैच 2000 में खेला था। अपने छोटे से टेस्ट करियर में उन्होंने दो डबल सेंचुरी लगाईं। वहीं सचिन ने 10 साल के सफर के बाद पहला दोहरा शतक लगाया था।

स्कूल के दोस्त हैं सचिन-कांबली
सचिन और कांबली का याराना पुराना है। वे बचपन से लेकर टीम इंडिया तक एकसाथ खेले। स्कूल क्रिकेट के दौरान उन दोनों ने 1988 में नॉटआउट 664 रनों की पार्टनरिशप करते हुए तहलका मचा दिया था। कांबली ने नाबाद 349 रन बनाए थे, जबकि सचिन के नाम नाबाद 326 रन थे। हालांकि, कांबली का करियर सचिन जितना कामयाब नहीं रहा।

सचिन से दो साल बाद इंटरनेशनल डेब्यू
तेंदुलकर ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 1989 में किया था वहीं कांबली ने करीब दो साल बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। कांबली ने 1991 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। हालांकि 1993 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला। 1992 और 1996 वर्ल्ड कप में वह भारत के लिए खेले थे। 1996 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में जब वह रोते हुए मैदान से बाहर आए थे तो वह तस्वीर काफी वायरल हुई थी।



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