भारतीय ने लॉकडाउन में घर पर बना दिया प्लेन: एयरक्राफ्ट को बेटी का नाम दिया, फैमिली के साथ पूरा ब्रिटेन घूम आए

0
1


कोट्टायमएक घंटा पहले

कोरोना जब पीक पर था, तब लंदन में रहने वाले एक भारतीय ने छुटि्टयों का लुत्फ उठाने के लिए एक नायाब तरीका खोज निकाला। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर अशोक अलसेरिल थमराक्षन ने खुद का चार सीटर प्लेन 18 महीने में तैयार कर दिया। इतना ही नहीं, उनका इनोवेशन इस कदर सक्सेसफुल रहा कि वो इस प्लेन से पत्नी और दो बेटियों के साथ पूरा ब्रिटेन घूम आए।

अशोक केरल के रहने वाले हैं। पूर्व विधायक एवी थमराक्षन के बेटे हैं। पलक्कड़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक के बाद 2006 में मास्टर्स डिग्री के लिए ब्रिटेन चले गए। फिलहाल फोर्ड माेटर कंपनी में इंजीनियर हैं। होम मेड प्लेन का नाम उन्होंने बड़ी बेटी दीया के नाम पर ‘जी-दीया’ रखा है।

अशोक ने ‘स्लिंग टीएसआई’ मॉडल के इस प्लेन का नाम अपनी बड़ी बेटी दीया के नाम पर ‘जी-दीया’ रखा है।

कोरोना में भरपूर वक्त मिला
प्लेन बनाने का आइडिया कहां से आया? इस सवाल पर अशोक कहते हैं- लंदन में कोविड के दौरान बेहद खराब हालात थे। सख्त लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में कैद थे। ऑफिस के काम हों या फिर बच्चों की पढ़ाई, सब घर से चल रहा था। ऐसे में छुटि्टयां मनाने के लिए मैंने खुद का प्लेन बनाने पर काम शुरू कर दिया।

परिवार के लिए बनाया प्लेन
अशोक बताते हैं- 2018 तक मैं पायलट लाइसेंस लेने के बाद छोटे ट्रिप के लिए टू-सीटर विमान किराए पर लेता था। इसके बाद पत्नी और दो बेटियों के लिए मुझे 4 सीटर प्लेन की जरूरत पड़ी। मैंने कुछ पुराने प्लेन देखे, पर वो पसंद नहीं आए। इसके बाद मैंने दूसरे विकल्प पर काम शुरू किया। इसमें घर में बने विमान भी शामिल थे।

अशोक पूर्व विधायक ए वी थमराक्षन के बेटे हैं। वे लंदन में फोर्ड मोटर कंपनी में इंजीनियर हैं।

अशोक पूर्व विधायक ए वी थमराक्षन के बेटे हैं। वे लंदन में फोर्ड मोटर कंपनी में इंजीनियर हैं।

घर में ही वर्कशॉप तैयार कर लिया
अशोक के मुताबिक- मैंने जोहान्सबर्ग की कंपनी स्लिंग एयरक्राफ्ट के बारे में जानकारी जुटाई। ये 2018 में नया विमान स्लिंग टीएसआई लॉन्च कर रही थी। कंपनी का दौरा किया और प्लेन से जुड़े किट ऑर्डर किए। लंदन स्थित घर में ही एक वर्कशॉप तैयार किया। यहीं प्लेन तैयार किया। सिविल एविएशन अथॉरिटी का स्टाफ इसकी निगरानी करता था। अशोक ने बताया कि ब्रिटेन में घर में बने विमान नए नहीं हैं। ऐसी कंपनियां हैं जो असेंबल किट मुहैया करती हैं।

अशोक 2018 में अपना पायलट लाइसेंस लेने के बाद छोटे ट्रिप के लिए टू-सीटर विमान किराए पर लेते थे। परिवार के लिए उन्होंने इस प्लेन को बनाने पर काम शुरू किया।

अशोक 2018 में अपना पायलट लाइसेंस लेने के बाद छोटे ट्रिप के लिए टू-सीटर विमान किराए पर लेते थे। परिवार के लिए उन्होंने इस प्लेन को बनाने पर काम शुरू किया।

1.8 करोड़ रुपए खर्च किए
अशोक ने बताया कि एयरक्राफ्ट तैयार करने पर 1.8 करोड़ रुपए खर्च हुए। स्पीड 200 किमी/घंटा है। फ्यूल टैंक 180 लीटर है। हर घंटे 20 लीटर फ्यूल लगता है। अशोक कहते हैं- इसी प्लेन से परिवार के साथ पूरा ब्रिटेन घूमा। दोस्तों के साथ जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक रिपब्लिक भी गया। इन दिनों पत्नी अभिलाषा और बेटियों थारा और दीया के साथ केरल में हूं। छुट्टियां मना रहा हूं।

खबरें और भी हैं…



Source link

पिछला लेखसरकारी नौकरी: एमपीपीईबी में 2257 पदों पर 1 अगस्त से भर्ती के लिए आवेदन शुरू, कैंडिडेट्स 16 अगस्त तक करें अप्लाई
अगला लेखMicrowave Negative Effects : अगर आप कर रहे हैं माइक्रोवेव का इस्तेमाल तो जान लें इसके साइड इफेक्ट
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।