ब्रिटेन में जुटे G7 के नेता: दुनिया की सात बड़ी इकोनॉमीज की मीटिंग शुरू, चीन इसका हिस्सा नहीं; मोदी 12 जून को वर्चुअली जुड़ेंगे

0
1


  • Hindi News
  • International
  • G7 Meeting News And Updates | Group Of Seven Meeting In UK; India, Canada, France, Germany, Italy, Japan, UK, US

लंदन2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

ब्रिटेन में ग्रुप ऑफ सेवन यानी G7 की मीटिंग शुक्रवार को शुरू हुई। इस वक्त दुनिया महामारी से जूझ रही है और माना जा रहा है कि दुनिया की सात बड़ी आर्थिक शक्तियां कोविड-19 और इससे पैदा हुई तमाम मुश्किलों से बचने का रास्ता निकालने पर फोकस करेंगी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने नरेंद्र मोदी को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया है। मोदी ब्रिटेन नहीं जा रहे हैं, वे 12 और 13 जून को वर्चुअली इसमें शामिल होंगे। दो साल में यह पहला मौका है, जब दुनिया की सात बड़ी आर्थिक शक्तियों के नेता एक साथ-एक मंच पर नजर आएंगे। चीन और रूस अलग-अलग वजहों से G7 का हिस्सा नहीं हैं। इस बार मीटिंग की थीम है- Build Back Better

रूस और चीन क्यों नहीं
रूस : 1998 में इसका हिस्सा बना था और तब G7 को G8 कहा जाने लगा था। 2014 में जब उसने क्रीमिया पर कब्जा किया तो उसकी सदस्यता रद्द कर दी गई।
चीन : दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होने के बावजूद चीन G7 में शामिल नहीं है। इसकी कोई साफ वजह कभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई। लेकिन, माना जाता है प्रति व्यक्ति आय की असमानता, लोकतंत्र का न होना और सरकार के नियंत्रण वाला मीडिया चंद कारण हैं।

G7 मीटिंग से एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन फाइजर कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव अल्बर्ट बोरेला के साथ नजर आए। अमेरिका और उसके सहयोगी देश दुनिया के गरीब और महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों को 100 करोड़ वैक्सीन डोज देने की तैयारी कर रहे हैं।

G7 मीटिंग से एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन फाइजर कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव अल्बर्ट बोरेला के साथ नजर आए। अमेरिका और उसके सहयोगी देश दुनिया के गरीब और महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों को 100 करोड़ वैक्सीन डोज देने की तैयारी कर रहे हैं।

इस बार किन मुद्दों पर फोकस
G7 में शामिल देशों के मंत्री और अफसर पूरे साल मीटिंग्स करते रहते हैं। इस साल G7 मीटिंग्स से पहले इसके सदस्य देशों के फाइनेंस मिनिस्टर्स ने मीटिंग की थी। इन्होंने तय किया कि मल्टीनेशनल कंपनीज को ज्यादा टैक्स देना चाहिए। कोविड रिकवरी, ग्लोबल हेल्थ सिस्टम, क्लाइमेट चेंज और ट्रेड भी अहम मुद्दे होंगे।

क्वॉड को मत भूलिए
अगर इस G7 मीटिंग में शामिल होने वाले देशों को आप गौर से देखेंगे तो एक चीन जरूर नजर आएगी। परमानेंट मेंबर्स के अलावा भारत और ऑस्ट्रेलिया को भी न्योता मिला है। अमेरिका और जापान स्थायी सदस्य हैं ही। यानी क्वॉड देश भी मौजूद रहेंगे। चीन पहले ही आरोप लगाता रहा है कि क्वॉड मिलिट्री को-ऑपरेशन प्लेटफॉर्म भी है। यानी यहां चीन की दुनियाभर में जारी हरकतों पर भी चर्चा हो सकती है। इनमें कोविड-19 ओरिजन और लैब लीक शामिल हैं।

गुरुवार को बाइडेन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच 80 मिनट बातचीत हुई। इसके पहले जॉनसन ने बाइडेन को दस्तावेजों के जरिए कुछ समझाने की कोशिश की।

गुरुवार को बाइडेन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच 80 मिनट बातचीत हुई। इसके पहले जॉनसन ने बाइडेन को दस्तावेजों के जरिए कुछ समझाने की कोशिश की।

सुरक्षा व्यवस्था कैसी
करीब 6500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी एक्टिव रहेगा। मीटिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों या संगठनों के लिए चार स्थान पहले ही तय कर दिए गए हैं। एक प्रोटेस्ट प्लेस तो मीटिंग स्थल से 115 किलोमीटर दूर है। इस मीटिंग के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमिर पुतिन की मीटिंग पर भी सबकी नजर रहेंगी।

भारत के लिए क्या महत्व
भारत UN सिक्योरिटी काउंसिल का स्थायी सदस्य नहीं बन पाया है। लेकिन, इंटरनेशनल फोरम्स पर उसकी मौजूदगी हर लिहाज से ताकतवर रही है। डोनाल्ड ट्रम्प जब राष्ट्रपति थे तब उन्होंने जी-7 को जी-10 या जी-11 बनाने का सुझाव दिया था। लेकिन, ये भी कहा था कि इसमें सब लोकतांत्रिक देश होने चाहिए। यानी चीन को वो यहां नहीं चाहते थे। पश्चिमी देशों को लगता है कि भारत ही चीन को रोक सकता है। लिहाजा, उसे इस मीटिंग में शामिल किया गया है। भारत को वैक्सीन के मुद्दे पर सफलता मिल सकती है। अमेरिका और जी-7 के दूसरे देश उसे सीधे वैक्सीन सप्लाई कर सकते हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

पिछला लेखतेजी से वजन घटा सकता है धनिया पानी, आंखों के लिए भी है फायदेमंद, एक्सपर्ट्स ने बताया उपयोग का सही तरीका
अगला लेखLisa Haydon जल्द ही देने वाली हैं तीसरे बच्चे का जन्म, पति को है अब चौथे का इंतजार
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।