ब्रिटेन और चीन के बीच तनानती बढ़ी: चीनी राजदूत को ब्रिटिश संसद में जाने से रोका गया, ड्रैगन बोला- दोनों देशों के रिश्ते पर असर पड़ेगा

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लंदनएक घंटा पहले

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ब्रिटेन की हाउस ऑफ कॉमन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में चीनी राजदूत के घुसने पर रोक लगा दी गई।

चीन के नए राजदूत झेंग जेगुआंग को बुधवार को ब्रिटेन की संसद में होने वाली मीटिंग में हिस्सा लेने से रोक दिया गया। राजनयिक जेगुआंग को रोकने का फैसला हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के स्पीकर्स ने लिया। दरअसल, चीनी राजदूत को निमंत्रण दिए जाने से ब्रिटिश सांसद काफी नाराज हो गए, जिसे देखते हुए यह कार्रवाई की गई।

झेंग के बुधवार शाम हाउस ऑफ कॉमन्स में ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री चाइना ग्रुप और चीन-ब्रिटेन बिजनेस काउंसिल के समर रिसेप्शन में शामिल होने वाले थे। ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री चाइना ग्रुप बीजिंग के साथ अच्छा संबंध चाहने वाले का सांसदों का समूह है। ब्रिटिश संसद ने यह एक्शन ऐसे समय लिया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।

शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। चीन ने मार्च में ब्रिटिश सांसदों और उनके परिवार के सदस्यों की यात्रा पर रोक लगा दी थी। साथ ही उन्हें चीन या हांगकांग के पूर्व में स्थित ब्रिटिश उपनिवेश में प्रवेश करने से मना कर दिया गया था।

ब्रिटिश सांसदों ने मानवाधिकारों के हनन के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया
ब्रिटिश सांसदों पर चीन ने कार्रवाई तब की, जब शिनजियांग में मानवाधिकारों के हनन के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए चीनी अधिकारियों पर ब्रिटेन के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगा दिए थे। शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोप से चीन की सरकार लगातार इनकार करती रही है।

चीनी राजदूत पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत
ब्रिटिश सांसदों इयान डंकन स्मिथ, नुस गनी और टिम लॉटन ने झेंग को प्रतिबंधित करने के फैसले का स्वागत किया। तीनों सांसदों ने बयान जारी करके कहा कि यह संसद और स्वतंत्र भाषण के सिद्धांत का अपमान होता, जिस पर लोकतंत्र स्थापित है। चीन की सीमा में जाने से उन सांसदों पर रोक लगा दी गई, जिन्होंने चीन की ओर से किए जा रहे मानवाधिकार के उल्लंघन का मुद्दा उठाया।

ब्रिटिश संसद की इस कार्रवाई की चीन ने निंदा की
वहीं, चीनी राजदूत पर ब्रिटिश संसद की इस कार्रवाई की चीन ने कड़ी निंदा की है। चीनी दूतावास की तरफ से कहा गया कि ब्रिटेन की संसद की तरफ से उठाए गए इस कदम से दोनों देशों के बीच रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं।

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