ब्रिटिश PM की रेस में पिछड़े सुनक: ट्रस को 28% बढ़त, कंजरवेटिव पार्टी के हर 10 में से 6 मेंबर्स लिज के साथ

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लंदन12 मिनट पहले

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ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री पद के लिए भारतवंशी ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच मुकाबला तेज हो गया है। शुरुआत में सुनक को अपनी कंजरवेटिव पार्टी के 137 सांसदों का समर्थन मिला था। लिज ट्रस 113 सांसदों का ही समर्थन जुटा पाई थीं। अब फाइनल में कंजरवेटिव पार्टी के लगभग 2 लाख स्थायी मेंबर वोटिंग करेंगे। इससे ही नए प्रधानमंत्री का चुनाव होगा।

पार्टी के स्थायी मेंबर्स में से 96 फीसदी श्वेत हैं। कंजरवेटिव पार्टी के हालिया YouGov पोल में ट्रस को सुनक से 28 फीसदी बढ़त हासिल हुई है। ट्रस को 58 फीसदी जबकि सुनक को 30 फीसदी ही वोट मिले हैं। पार्टी के स्थायी मेंबर्स के समर्थन में सुनक पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में भी सुनक और ट्रस के बीच यही अंतर रहने वाला है। एक अन्य सर्वे के मुताबिक, पार्टी के हर 10 में से 6 मेंबर्स ट्रस के साथ हैं।

सुनक की छवि जॉनसन की गद्दी हथियाने वाले की बनी
अब सुनक और ट्रस वोट मांगने के लिए कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच जा रहे हैं। इसे हस्टिंग्स कहते हैं। एक्सिटर, कार्डिफ और ईस्टबोर्न में इस प्रकार की हस्टिंग्स में पार्टी मेंबर्स के बीच सुनक की छवि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से गद्दारी कर सत्ता हथियाने की लालसा रखने वाले नेता की बनाई जा रही है।

वैसे तो कंजरवेटिव पार्टी के मेंबर अपनी राय को सार्वजनिक करने से बचते हैं। लेकिन एक मेंबर ने बताया कि जॉनसन के सत्ता गंवाने का प्रमुख कारण सुनक को माना जा रहा है। सुनक ने ही जॉनसन के खिलाफ इस्तीफा देकर बगावत शुरू की थी। अधिकांश पार्टी मेंबर जॉनसन की गलतियों को उनके पतन का कारण नहीं मानते हैं। वे इसके लिए ऋषि सुनक को दोषी करार देते हैं।

श्वेत मेंबर्स में से 21% रूढ़ीवादी इंग्लिश हैरिटेज ट्रस्ट के, सुनक के लिए इन्हें साधना बड़ी चुनौती
कंजरवेटिव पार्टी में 96 फीसदी श्वेत मेंबर्स में से 21 फीसदी रूढ़ीवादी इंग्लिश हैरिटेज ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं। इनका सुनक को समर्थन मिलना मुश्किल है। जानकारों का कहना है कि सांसदों के समर्थन के बाद सुनक के पिछड़ने की असल वजह ये श्वेत मेंबर्स ही हैं। कंजरवेटिव पार्टी के 68 फीसदी मेंबर्स 50 साल की उम्र से ज्यादा के हैं। इनमें से अधिकांश श्वेत उम्मीदवार को ही वोट देना पसंद करते हैं।

चीन के टेक्नोलॉजी आक्रमण की काट लाएंगे सुनक
सुनक का मानना है कि ब्रिटेन के लिए चीन सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा और चुनौती है। वह देश से सभी 30 कन्फ्यूशियस संस्थान बंद करने के हिमायती हैं। इसके साथ ही चीन-ब्रिटेन अनुसंधान साझेदारी की समीक्षा करना चाहेंगे। चीन के ‘टेक्नोलॉजी आक्रमण’ का मुकाबला करने के लिए ‘नाटो-शैली’ गठबंधन अपनाएंगे। इसके साथ ही चीनी औद्योगिक जासूसी रोकेंगे।

ट्रस चीन पर निर्भरता घटाने की पक्षधर
दूसरी ओर, ट्रस का मानना है कि ब्रिटेन को चीन पर से निर्भरता कम करनी चाहिए। देश की अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए चीन पर निर्भरता रोकेंगी। व्यापार और निवेश के माध्यम से चीन के मुकाबले राष्ट्रमंडल को मजबूत बनाना चाहेंगी। इसके साथ ही ब्रिटेन को चीनी स्वामित्व वाले टिकटॉक पर नकेल कसनी चाहिए।

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