बड़ी खबर- अक्टूबर में महंगी हो सकती है आपकी फेवरेट कार, इतने बढ़ सकते है दाम

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कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने की वजह से कीमतें बढ़ाने की तैयारी है.

अक्टूबर के पहले हफ्ते में कई कंपनियां कार (Car Price Hike Soon) के दाम बढ़ा सकती है. कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने की वजह से कीमतें बढ़ाने की तैयारी है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 15, 2020, 1:37 PM IST

मुंबई. अगले महीने यानी अक्टूबर (Car Price may Hike Soon) में कई कंपनियां कारों के दाम बढ़ा सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले महीनों में लग्‍जरी कारों (Luxury Cars) के दाम बढ़ने के आसार हैं. कार बनाने वाली कंपनियां इसके बारे में विचार कर रही हैं. अमेरिका समेत अन्य यूरोपीय देशों की करेंसी के मुकाबले रुपये (Indian Currency Weak Impact ) में आई कमजोरी की वजह से कंपनियों की लागत बढ़ गई  है. इसीलिए, इन कार की कीमतों में 60 हजार रुपये से 3 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

क्यों और कौन सी कार हो सकती है महंगी?

अंग्रेजी के अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सबसे बड़ी लग्‍जरी कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने तो अक्टूबर से भारतीय बाजार में कुछ मॉडलों की कीमतें दो फीसदी तक बढ़ाने की घोषणा कर दी है. कंपनी ने बताया है कि पिछले छह से सात महीनों में लागत बढ़ी है.

रुपये के मुकाबले यूरो महंगा हुआ है. कंपनी ने अभी साफ नहीं किया है कि किन मॉडलों की कीमत में इजाफा होगा.माना जा रहा है कि कंपनी सी-क्लास, ई-क्लास और जीएलसी की कीमत में 1.5 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी कर सकती है. बढ़ी हुई कीमतें अक्टूबर के पहले हफ्ते से लागू होंगी. मॉडलों के आधार पर वाहनों की कीमत दो फीसदी तक बढ़ाई गई है.ये भी पढ़ें-60,000 रु तक सस्ती मिल रहीं Hyundai की ये बेस्ट सेलिंग कारें! लो EMI, 100% लोन और भी बहुत कुछ

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के वीपी (सेल्‍स एंड मार्केटिंग) संतोष अय्यर ने अखबार को बताया कि बीते 6-7 महीनों में करेंसी में काफी ज्‍यादा अस्थिरता रही है. वहीं, लागत में भी बढ़ोतरी हो रही है. यह चिंता का विषय है. इसने मार्जिन पर दबाव बनाया है.

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मर्सिडीज-बेंज की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां ऑडी इंडिया और वॉल्‍वो कार्स इंडिया भी इनपुट कॉस्‍ट बढ़ने के कारण कीमतों को बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कीमत में बढ़ोतरी का पहला दौर है. अगले कुछ महीनों में 6-7 फीसदी की वृद्धि हो सकती है.

बाजार में मांग पिछले साल के मुकाबले कम है. इसे देखते हुए मूल्‍यवृद्धि धीरे-धीरे की जा सकती है. 1 यूरो का एक्‍सचेंज रेट अप्रैल में 83 रुपये से बढ़कर सितंबर में 88 रुपये हो गया है.

इस कैलेंडर वर्ष के आठ महीनों में पहले ही लग्‍जरी कार मार्केट आधा हो गया है. फेस्टिव सीजन में कुछ रिकवरी की उम्‍मीद है. 2020 में ग्रोथ में 40 फीसदी की कमी आने की आशंका है.





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