बच्चे का मुंडन करवाने से पहले इन बातों का जरूर रखें ख्याल

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Parenting Tips: आमतौर पर बच्चों के जन्म के बाद नामकरण संस्कार बच्चों का पहला भव्य समारोह होता है. जिसके बाद बच्चों का मुंडन (Shaving of head) कराया जाता है. बता दें कि, मुंडन या चूड़ाकर्म संस्कार भी हिंदू धर्म के 16 मुख्य संस्कारों में से एक होता है. जिस दौरान बच्चों के सिर से जन्म के बाल उतारने की खास रस्म को पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया जाता है. ऐसे में बच्चों का मुंडन कराते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी हो जाता है.

बेशक मुंडन संस्कार माता-पिता और परिवार के सदस्यों के लिए काफी खुशी का मौका होता है. हालांकि, कुछ पैरेंट्स मुंडन की एक्साइटमेंट में कुछ अहम बातों को नजरअंदाज कर देते हैं. जिसका सीधा असर बच्चों की नाजुक सेहत पर पड़ सकता है. इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं मुंडन से जुड़ी कुछ बातें, जिन्हें ध्यान में रखकर आप फुल सेफ्टी के साथ बेबी का मुंडन करा सकते हैं.

बुखार में ना कराएं मुंडन

मुंडन कराने के लिए बच्चे का फिट होना बहुत जरूरी है. वहीं बुखार, सर्दी और जुकाम में बच्चे के मुंडन को अवॉयड करना बेहतर रहता है. क्योंकि मुंडन में बच्चों के सिर पर पानी छिड़कने से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने का खतरा रहता है.

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पेट भरना है जरूरी

मुंडन कराने से पहले बच्चे को दूध पिलाना या कुछ खिलाना ना भूलें. दरअसल, भूखे रहने पर बच्चे अधिक चिड़चिड़े हो जाते हैं. जिससे मुंडन के समय बच्चे रोना शुरू कर देते हैं. इसलिए बच्चों का पेट अच्छे से भर जाने के बाद ही मुंडन कराना बेस्ट रहता है.

प्रोफेशनल की लें मदद

मुंडन कराने के लिए किसी प्रोफेशनल और अनुभवी व्यक्ति को चुनकर मुंडन को सेफ बनाया जा सकता है. साथ ही मुंडन से पहले शेविंग ब्लेड बदलने और साफ सफाई पर खास ध्यान देने की कोशिश करें. वहीं बीमार व्यक्ति से बेबी का मुंडन ना कराएं.

बच्चे को नहलाना ना भूलें

मुंडन के बाद बच्चों के कपड़ों और बॉडी पर काफी बाल चिपक जाते हैं. जिसके चलते बच्चे को खुजली शुरू हो सकती है और बच्चा परेशान होने लगता है. इसलिए मुंडन के बाद बच्चे को जल्द से जल्द नहलाकर साफ कपड़े पहनाना ना भूलें.

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घी और हल्दी का लेप लगाएं

औषधीय गुणों से युक्त हल्दी को त्वचा का बेस्ट एंटी-सेप्टिक माना जाता है. वहीं घी की तासीर ठंडी होती है. जिसके कारण कई लोग मुंडन के बाद बच्चे के सिर पर घी और हल्दी का लेप लगाने को तवज्जो देते हैं. इससे सर पर लगे उस्तरे के घाव और जर्म्स से राहत मिलती है. हालांकि, इसे लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक होता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting tips



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