बगहा: स्वास्थ्य व्यवस्था की नजीर पेश करने वाले डॉक्टर ने बदल दी अस्पताल की तस्वीर, कुछ ऐसे…

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इमरान अजीज/बगहा: नेपाल और यूपी की सीमा पर स्थित बिहार के बगहा में चुनावी मुद्दा बनता रहा अनुमंडलीय अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है और इस मर्तबा अस्पताल की चर्चा कुव्यवस्थाओं को लेकर नहीं बल्कि अस्पताल में बदलते तस्वीर को लेकर हो रही है. 

दरअसल, एक युवा चिकित्सक ने अपने कार्यकुशलता से अस्पताल की सूरत ही बदल कर रख दी है जिसकी तारीफ मरीजों के साथ आम जनता भी कर रही है. यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों का कहना है कि पहले अस्पताल में आने के बाद डॉक्टरों को खोजना और ढूंढ़ना पड़ता था. 

हालात यह थे कि कभी डॉक्टर मिलते थे तो कभी गायब रहते थे लेकिन अब व्यवस्था सुदृढ हुई है यहां तक कि अस्पताल की गेट पर ही चिकित्सक सहज़ मिल जाते हैं.

मरीजों का यहां तक कहना है कि युवा ही देश के कर्णधार हैं. यही वजह है कि जब एक युवा चिकित्सक के कंधों पर जिम्मेवारी मिली तो कम संसाधनों में ही व्यवस्थाएं सुधरी हैं और डॉक्टर देर रात भी उपलब्ध रहते हैं और कोताही भी नहीं बरतते हैं.

अस्पताल की व्यवस्था बेहतर कर इलाके के लिए नजीर पेश करने वाले चिकित्सक सह अस्पताल उपाधीक्षक केबीएन सिंह ने विगत 8 माह यानी कोरोना काल से अब तक एक भी छुट्टियां नही ली हैं और अपने माता पिता के सपनों को अपना आदर्श मानते हैं. इनका कहना है कि आने वाले समय में अस्पताल की प्रसिद्धि इलाके में निश्चित तौर पर चर्चा का विषय बनेगी. 

बिहार के मधेपुरा जिला के आलमनगर खुरहान में जन्में 38 वर्षीय डॉ के बीएन सिंह ने अपने दस वर्षों की चिकित्सीय सेवा पूर्व एमबीबीएस डिग्री हासिल कर फैमिली मैनेजमेंट और हॉस्पिटल मैनेजमेंट किया है. खास बात यह है कि इन्होंने मरीजों की सेवा को लेकर कोविड 19 काल में अब तक एक भी छुट्टी नहीं लिया है.

बता दें कि केबीएन सिंह की खासियत है कि सहज भाव से लोगों की जांच और दवा इलाज़ अपना कर्म और धर्म मानते हैं तभी तो स्थानीय ग्रामीण और अस्पताल के मरीज़ इनकी सराहना करते नहीं थकते हैं और स्टाफ भी चुस्त दुरुस्त सेवा में जुटे हैं.

धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक यहां अपनी तत्परता और उत्कृष्ट योगदान देकर न केवल नया कृतिमान रच रहे हैं बल्कि सच्चे दिल से मरीजों कि 24 घंटे सेवा कर सिस्टम में बदलाव लाकर नजिर पेश कर रहे हैं.





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