पाकिस्तान में बिजली गुल का मिशन मजनू कनेक्शन: लोग मखौल उड़ा रहे, बोले- भारतीय जासूस न्यूक्लियर प्लांट की जगह इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड उड़ा गया

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इस्लामाबाद26 मिनट पहले

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पाकिस्तान में सोमवार को करीब 22 घंटे तक बिजली गुल रही। मुल्क के करीब 60% हिस्से में जैसे-तैसे रात को इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बहाल हुई। इसके बाद मंगलवार को लोग उठे तो फिर बिजली गुल।

गंभीरता से देखें तो बिजली गुल होने का ठीकरा को शाहबाज शरीफ सरकार पर फूटना था और फूटा भी, लेकिन सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी अवाम इसके लिए बॉलीवुड की हालिया रिलीज ‘मिशन मजनू’ के हीरो सिद्धार्थ मल्होत्रा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी जो मीम्स पोस्ट कर रहे हैं, उनमें कहा जा रहा है कि मिशन मजनू का मकसद तो पाकिस्तान का न्यूक्लियर प्लांट उड़ाना था, लेकिन वो धोखे से वहां का इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड या प्लांट उड़ा गया।

पहले जानिए मिशन मजनू की कहानी क्या है
यह कहानी एक रॉ (RAW) अफसर सिद्धार्थ मल्होत्रा की है। वो पाकिस्तान के एटमी मंसूबों को नाकाम करने के लिए पाकिस्तान जाता है। वहां उसे एक पाकिस्तानी लड़की से इश्क हो जाता है। इसके बावजूद वो फर्ज नहीं भूलता और मिशन पूरा करने में जुटा रहता है। पूरी कहानी इसी प्लॉट के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां सस्पेंस भी है और थ्रिल भी।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है और इसे स्क्रीनप्ले लायक बनाया गया है। पाकिस्तान में इस फिल्म की काफी चर्चा रिलीज के पहले से ही हो रही थी। 20 जनवरी को मिशन मजनू रिलीज हुई।

अब बिजली गुल एपिसोड पर आते हैं…
सोमवार को जब पाकिस्तान की नींद खुली तो बिजली गुल थी। कई घंटे बाद पता लगा कि नेशनल इलेक्ट्रिक ग्रिड फेल हो चुका है। हालांकि, यह पहली बार नहीं हुआ। इसके पहले भी मुल्क में इस तरह के हालात पैदा हो चुके हैं।

बहरहाल, जैसे-तैसे पाकिस्तानियों ने अपने फोन-लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स चार्ज किए और इसके बाद मीम्स का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो अब तक जारी है। आप भी इनका लुत्फ लीजिए।

हुआ क्या था
सोमवार को पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि नेशनल ग्रिड सुबह 7:34 बजे डाउन हो गया। इसके चलते पावर सिस्टम फेल हो गया। मंत्रालय ने कहा कि सिस्टम को सुधारने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। देर रात मुल्क के कुछ हिस्से में बिजली सप्लाई शुरू हुई और मंगलवार सुबह फिर वही हालात। हालांकि, हालात कुछ बेहतर थे।

इसमें भी विदेशी हाथ
सोमवार को ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने जिओ न्यूज से कहा- सर्दियों के दौरान बिजली बचाने के लिए पावर जनरेशन यूनिट्स को बंद रखा जाता है। सुबह साढ़े सात बजे के करीब जब सिस्टम को ऑन किया गया तो उत्तरी पाकिस्तान के इलाके की वोल्टेज में कई फ्लक्चुएशन यानी बदलाव हुए, फिर एक के बाद एक पूरा सिस्टम ठप पड़ गया।

मंगलवार को दस्तगीर ने कहा- हमें शक है कि नेशनल ग्रिड के ग्रिड के कंप्यूटर नेटवर्क को हैक किया गया। हो सकता है इसमें किसी बाहरी ताकत का हाथ हो। इस मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। कोई और वजह भी हो सकती है।

2022 में 12 घंटे तक गुल रही थी बिजली
पाकिस्तान में पिछले चार महीने में ये दूसरी बार है जब पूरे देश का पावर ग्रिड इस तरह से ठप हो गया हो। पाकिस्तान की सरकार ने इसी साल नया एनर्जी प्लान बनाया था। हालांकि इसे लोगों ने मानने से इंकार कर दिया था।

इस प्लान का विरोधी करने वाले लोगों में ज्यादातर कारोबारी थे। ट्रेड यूनियन के लीडर नोमान अब्बास ने भास्कर से कहा- गरीब और गरीब होता जा रहा है और कारोबार पहले ही खत्म होने की कगार पर है। मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या वो रैलियों में इस्तेमाल होने वाले विमानों और हेलीकॉप्टरों को रोकेंगे? पिछले साल अक्टूबर में भी पाकिस्तान में बड़ा पावर कट हुआ था। तब कराची, लाहौर जैसे शहरों में करीब 12 घंटे तक बिजली गुल रही थी।

बिजली बचाने के लिए ये प्लान बनााया था

  • अधिक बिजली की खपत करने वाले पंखों का उत्पादन जुलाई से बंद होगा। 2200 करोड़ बचाने में मदद मिलेगी।
  • वेडिंग हॉल्स रात 10 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे।
  • एक फरवरी के बाद केवल LED बल्बों का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • सरकारी विभागों में 30% बिजली बचाने का ऑर्डर जारी किया है।
  • बाजार रात 8:30 बजे तक ही खोलने की मंजूरी होगी।
  • वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा।

इन हालात की असली वजह क्या है

  • पाकिस्तान में बिजली संकट की मुख्य वजह आर्थिक बदहाली है। दरअसल, यहां के ज्यादातर पॉवर प्लांट में ऑयल से बिजली पैदा की जाती है। यह ऑयल इम्पोर्ट किया जाता है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 8 साल में सबसे कम बचा है। तो ऑयल इम्पोर्ट नहीं हो पा रहा। ऑयल इम्पोर्ट न होने से इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन नहीं हो पा रहा और इसकी वजह से बिजली की किल्लत हो रही है।
  • यहां एक चीज और जान लेनी जरूरी है। दरअसल, पाकिस्तान में पानी से बिजली नहीं बनाई जा सकती। इसकी वजह यह है कि यहां वॉटर स्टोरेज के लिए डैम नहीं है। पाकिस्तान ने एटमी ताकत तो हासिल कर ली, लेकिन न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं बना सका, जिनसे बिजली बन सके।
  • पाकिस्तान को अमेरिका से हमेशा यह शिकायत रही कि वो भारत की तरह उससे सिविल न्यूक्लियर डील क्यों नहीं करता। इसका जवाब अमेरिका यह देता है कि पाकिस्तान एटमी तौर पर जिम्मेदार मुल्क नहीं है और यही वजह है कि भारत की तर्ज पर उससे न्यूक्लियर डील करना मुश्किल है।

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