नींद व इमोशनल हेल्थ पर स्टडी: बच्चे सुबह ऊंघते थे, स्कूल एक घंटा देरी से शुरू किया, इससे रिजल्ट में सुधार आया

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ब्राजील2 घंटे पहले

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सुबह स्कूल के लिए तैयार होते समय अक्सर किशोरों काे शिकायत होती है कि उनकी नींद पूरी नहीं हुई। कई बार वे चिड़चिड़े हो जाते है। कई बार स्कूल न जाने के बहाने बनाते है, लेकिन हाल ही में ब्राजील में हुई एक रिसर्च में सामने आया कि स्कूल एक घंटा देरी से शुरू कर किशोरों को पूरी नींद लेने के लिए कहा गया।

इसका असर यह रहा कि किशोरों के रिजल्ट में सुधार आया और वे कम गुस्सा करने लगे। दरअसल, ब्राजील के कुछ विशेषज्ञों ने फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका के शिक्षाविदों के नेतृत्व में यह स्टडी की। इसमें 1 घंटे देरी से स्कूल शुरू होने पर किशोरों की नींद और इमोशनल हेल्थ की मॉनिटरिंग भी की गई।

स्टडी में सामने आया कि बॉडी क्लाॅक में किशोरावस्था में परिवर्तन आता है। उन्हें अक्सर 8 से 9 बजे के बीच उबासी आती है। वहीं, युवा 9 से 10 बजे ऊंघने लगते हैं। ब्राजील के पैलोटिना के हाई स्कूल में 48 छात्रों के ग्रुप में यह स्टडी हुई हैं।

स्कूल टाइम चेंज करने से हुए पॉजिटिव बदलाव

टीम ने चार में से दो ग्रुप का स्कूल साढ़े 7 बजे शुरू किया गया। वहीं दो ग्रुप का एक घंटा देरी यानी साढ़े 8 बजे से शुरू किया गया। जिन 2 ग्रुप का स्कूल एक घंटे देरी से शुरू किया गया था उनमें पॉजिटिव बदलाव आए। उन्होंने कम गुस्सा किया और वे कम उदास नजर आए।

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