दिल्ली में एक जून के बाद बस आठ दिनों में COVID-19 के 10,000 और मामले जुड़ गए

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प्रतीकात्मक.

खास बातें

  • रोजाना COVID-19 संक्रमण के औसतन 1250 नए मामले आए
  • दिल्ली में एक जून से महज आठ दिन में 10,000 और मामले जुड़ गए
  • पहले 10,000 तक मामले पहुंचने में 79 दिन लगे थे.

नई दिल्ली:

रोजाना COVID-19 संक्रमण के औसतन 1250 नए मामले आने के साथ ही दिल्ली में एक जून से महज आठ दिन में 10,000 और मामले जुड़ गए, जबकि पहले 10,000 तक मामले पहुंचने में 79 दिन लगे थे. दिल्ली सरकार द्वारा प्रदत्त आंकड़े के विश्लेषण से यह बात सामने आई है. दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 13 दिनों में 10,000 से 20,000 हुए थे. दिल्ली में इस संक्रमण का पहला मामला एक मार्च को सामने आया था जब पूर्वी दिल्ली का एक व्यापारी इटली से लौटने के बाद COVID-19 संक्रमित पाया गया. दिल्ली सरकार के आंकड़े दर्शाते हैं कि 18 मई तक राष्ट्रीय राजधानी में रोजाना औसतन करीब 127 नए मरीज सामने आने के साथ COVID-19 के कुल मामले 10,054 हो गए थे.

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अगले 13 दिनों में यह आंकड़ा 19,844 हो गया. जिन मरीजों की इस महामारी से जान गयी उनकी संख्या भी 18 मई के 160 से करीब तीन गुणा बढ़कर 31 मई को 473 हो गई. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में COVID-19 के मामले 29,943 पर पहुंच गए थे और इस बीमारी से 874 लोगों की जान चली गई थी. अगले दिन कुल मामले 30,000 के पार चले गये और मौत का आंकड़ा 905 तक पहुंच गया.

तीन जून को शहर में एक दिन में सर्वाधिक 1,513 नए मामले सामने आए थे. यहां 28 मई को पहली बार 1,000 से अधिक नए मामले सामने आए. तब से लेकर 31 मई तक लगातार चार दिनों तक 1,000 से अधिक नये मरीज सामने आए. इकत्तीस मई को COVID-19 के 1,295 नये मामले, 30 मई को 1,163 नए मामले, 29 मई को 1,106 नए मामले तथा 28 मई को 1,024 नए मामले सामने आए थे. एक जून को कोरोना वायरस के 990 नए मरीज सामने आए थे जबकि उसके अगले दिन से यह आंकड़ा 1000 से पार रहा.

मामलों में वृद्धि के बीच दिल्ली सरकार ने कहा है कि शहर में मामले फिलहाल 14 दिनों में दोगुणा हो रहे हैं और इस हिसाब से अगले दो सप्ताह में यह आंकड़ा 56,000 के पार पहुंच जाएगा. उसने कहा कि जुलाई के आखिर तक कोविड-19 के मामले 5.5 लाख तक पहुंच जाएगा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि अन्य राज्यों से लोगों का इलाज के लिए यहां आना शुरू हो जाने के बाद दिल्ली में 31 जुलाई तक अस्पतालों में डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ेगी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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