दिल्ली के शिक्षा निदेशक स्टूडेंट्स से बोले- ‘आंसर न आए, तो सवाल ही रिपीट कर दो, हमारी CBSE से बात हो गई है’

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हाइलाइट्स:

  • बोर्ड एग्जाम्स पर स्टूडेंट्स को दिल्ली शिक्षा निदेशक की सलाह पर छिड़ा विवाद
  • बच्चों से कहा – कुछ नहीं आता, तो परीक्षा में सवाल ही रिपीट कर दो, नंबर मिलेंगे
  • स्टूडेंट्स को विवादित सलाह देते हुए आईएएस अधिकारी का वीडियो वायरल

IAS controversial advice on CBSE Board Exam: बोर्ड परीक्षाओं को लेकर दिल्ली के शिक्षा निदेशक (Delhi Education Director) की सलाह ने विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल (Delhi Govt School) में स्टूडेंट्स से बात करते हुए उनका वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे स्टूडेंट्स को ऐसे सलाह देते नजर आ रहे हैं, जिसपर अब सियासत शुरू हो चुकी है। वह वीडियो (Viral Video) आप आगे देख सकते हैं।

दरअसल दिल्ली के शिक्षा निदेशक और 2007 बैच के आईएएस ऑफिसर (IAS) उदित प्रकाश राय (Udit Prakash Rai) बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्टूडेंट्स से मिलने एक स्कूल पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्टूडेंट्स से पूछा ‘अगर हमें किसी सवाल का जवाब नहीं आता, तो हम क्या करेंगे?’ फिर उन्होंने बताया कि उन्हें क्या करना है। जानिए आईएएस उदित प्रकाश राय ने क्या कहा…

उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि ‘परीक्षा में किसी भी सवाल का उत्तर खाली नहीं छोड़ना है। कुछ भी लिखिए। जो भी आता हो, जो भी याद हो। अगर कुछ नहीं आता तो उस सवाल को ही दोहराकर उत्तर में लिख दीजिए। लेकिन लिखिए जरूर। हमने आपके टीचर्स से बात कर ली है। सीबीएसई (CBSE) में भी हमारी बात हो चुकी है। हमने उनसे कहा है कि बच्चे परीक्षा में कुछ भी लिखेंगे, उन्हें नंबर मिलेगा।’

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इसे लेकर अब विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा है। भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को टैग करते हुए यह वायरल वीडियो ट्वीट किया है। लिखा है ‘आम आदमी पार्टी दिल्ली के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।’

कई शिक्षकों ने भी इस वीडियो में कही जा रही बातों की आलोचना की है। उनका कहना है कि ‘मेहनत से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स और मौजूदा परिस्थितियों में सिलेबस पूरा करने की जद्दोजहद कर रहे शिक्षकों के लिए ये बातें नकारात्मक और हतोत्साहित करने वाली हैं। टीचर्स को सीधे तौर पर यह कहा जा रहा है कि बच्चे चाहे कुछ भी लिखें, उन्हें पास कर दो।’



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