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तेज़ी से घटता वज़न इन 5 गंभीर बीमारियों की तरफ करता है इशारा

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जिन लोगों का लक्ष्य वज़न कम करना होता है और जब वे वेट लूज़ करने लगते हैं, तो उन्हें अलग तरह की खुशी महसूस होती है. इससे इतर, जिन्हें वज़न कम नहीं करना होता है या थोड़ा-बहुत वज़न कम करने की चाहत रखते हैं, अगर उनका वज़न एकदम से कम होने लगे, तो यह चिंता की बात है. हालांकि, कई लोग इस बात को बहुत गंभीरता से नहीं लेते हैं. उन्हें लगता है कि तेज़ी से घटता वज़न उनकी रूटीन लाइफ की थकान और खाने-पीने के मिस-मैनेजमेंट के कारण हो सकता है.

ऐसे में वे अपने रूटीन में कुछ बदलाव करते हैं या खाना-पीना बेहतर करते हैं. उन लोगों को जानना चाहिए कि घटता वज़न कई बार हमारे हेल्थ कंडीशन की ओर भी इशारा करता है. अगर इस तरफ ध्यान नहीं गया, तो शरीर में किसी गंभीर रोग के बढ़ने की आशंका अधिक होती है. टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, कई गंभीर रोगों के होने पर भी वजन तेजी से कम होने लगता है. आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं, वे रोग जिनकी वजह से वज़न तेज़ी से घट सकता है.

कैंसर – तेज़ी से घटते वज़न को इसलिए भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि कई बार यह गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. अगर आपकी डाइट और रूटीन में कोई बदलाव नहीं आया है, बावजूद इसके आपका वज़न तेज़ी से घट रहा है, तो यह कैंसर का एक लक्षण भी हो सकता है. अगर आपको खुद में या किसी में ऐसे संकेत नज़र आए, तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से मिलें।

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थायरॉइड – थायरॉइड दो तरह का होता है, यह ज़्यादातर लोग जानते हैं. एक वह जिसमें वज़न तेज़ी से बढ़ने लगता है और दूसरा वह जिसमें वज़न घटता है. थायरॉइड का सीधा असर मेटाबॉलिज़्म पर पड़ता है. थायरॉइड की वजह से जब बॉडी का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है, तब वज़न बढ़ने लगता है. वहीं अगर मेटाबॉलिज़्म तेज़ होने लगे, तो वज़न तेज़ी से घटने लगता है. लगातार घटते वज़न की वजह से कई बार हार्ट बीट बढ़ने, एंग्जायटी और नींद की कमी की समस्या भी पैदा कर सकता है. ये सभी हाइपरथयरॉइडिज़्म के लक्षण होते हैं.

रूमेटाइड अर्थराइटिस – जोड़ों के दर्द से जुड़ा रूमेटाइड अर्थराइटिस एक गंभीर क्रोनिक डिज़ीज़ है, इसमें बॉडी की एनर्जी अधिक खर्च होती है, जिसकी वजह से वज़न तेज़ी से घटने लगता है. रूमेटाइड अर्थराइटिस 30 से 50 साल की उम्र के बीच होने की आशंका अधिक होती है. अगर आपको जोड़ों में दर्द के साथ-साथ वज़न घटने की समस्या है, तो इसे गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर से मिलें.

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पेट संबंधी समस्याएं – अगर हमारे गट (पेट) स्वस्थ नहीं है, तो मुमकिन है कि हमारा वज़न तेज़ी से घंटे लगे. कई बार लैटोज़ इनटॉलरेंस, सीलिएक, क्रोहन (आंतों में सूजन) की वजह से भी वज़न घटने लगता है. दरअसल कई बार हम प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेते हैं, बावजूद इसके पेट की समस्याओं की वजह से प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स बॉडी में अब्सॉर्ब नहीं हो पाते हैं, जिसकी वजह से कुपोषण की समस्या शुरू होने लगती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर ग्लूटेन फ्री डाइट लेने की सलाह देते हैं.

ड्रग एडिक्शन – जिन लोगों को ड्रग एडिक्शन होता है, उन्हें भी तेज़ी से वज़न घटने की समस्या हो सकती है. दरअसल, एडिक्शन के आदि लोग घंटों खाना-पीना भूल जाते हैं. नशे में रहते हुए उन्हें कुछ याद नहीं रहता. नशे की वजह से भूख नहीं लगती और धीरे-धीरे खाने की इच्छा और भूख कम होने लगती हैं.

Tags: Fitness, Health, Lifestyle



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