जेल नेल पॉलिश ड्रायर लगाते हैं तो सावधान हो जाएं, हो सकता है कैंसर, ये लक्षण न करें इग्नोर

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हाइलाइट्स

नेल पॉलिश ड्रायर से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन से कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
नेल पॉलिश ड्रायर को लेकर बहुत पहले भी चिंताएं जताई गई थीं.

Gel nail polish increase risk of cancer: अधिकांश महिलाएं नाखूनों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए नेल पॉलिश का इस्तेमाल करती हैं. इनमें से कुछ महिलाएं जेल नेल पॉलिश का इस्तेमाल करती हैं. जेल नेल पॉलिश से चमक ज्यादा आती है और यह लॉन्ग लास्टिंग होती है. लेकिन जेल नेल पॉलिश के लिए नेल पॉलिश ड्रायर का इस्तेमाल करना मुसीबत का सबब बन सकता है. एक नई स्टडी में इसके इस्तेमाल को लेकर एक चौंकाने वाला अध्ययन सामने आया है. अध्ययन में कहा गया है कि जेल नेल पॉलिश ड्रायर का लंबे समय तक इस्तेमाल कैंसर का कारण बन सकता है. नेचर जर्नल में इस संबंध में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ है.

स्टडी के मुताबिक लंबे समय तक जेल नेल पॉलिश ड्रायर का इस्तेमाल स्किन कैंसर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है. अध्ययन में कहा गया है कि जेल मेनीक्यूर के लिए आमतौर पर वी-नेल पॉलिश ड्रायर ( V-nail polish dryers) का इस्तेमाल किया जाता है. इस ड्रायर से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं. किसी चीज पर लंबे समय तक अल्ट्रावॉयलेट किरणों का इस्तेमाल बहुत हानिकारक होता है.

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कैसे होता है स्किन कैंसर
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए गए बयान में वैज्ञानिकों ने कहा है कि जेल नेल पॉलिश ड्रायर को कंपनियां सेफ बताती हैं लेकिन इसे लेकर कोई अध्ययन नहीं है जिसके आधार पर कंपनियां कह सके कि इससे नुकसान नहीं होता है. अध्ययन में कहा गया है कि समय के साथ अल्ट्रावॉयलेट किरणें डीएनए को डैमेज करने लगती है. स्टडी के लेखक प्रोफेसर लूडमिल एलेक्जेंड्रोव ने बताया कि अल्ट्रावॉलेट किरणों के प्रभाव से डीएनए डैमेज होने लगते हैं लेकिन इनमें से कुछ डीएनए का मरम्मत नहीं हो पाता है और फिर उसके बाद जब भी नेल पॉलिश ड्रायर से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, तब इसी क्षतिग्रस्त डीएनए का म्यूटेशन होने लगता है. इतना ही नहीं इसके साथ अध्ययन में यह भी पाया गया कि इससे कोशिकाओं के अंदर माइटोकॉन्ड्रिया का फंक्शन भी बिगड़ जाता है. तब और अधिक म्यूटेशन होने लगता है. अध्ययन में कुछ स्किन कैंसर से पीड़ित लोगों की कोशिकाओं का विश्लेषण किया गया तो इसी तरह का सेम पैटर्न देखा गया. यानी डैमेज डीएनए कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदल देता है.



क्या करना चाहिए

इस रिसर्च को लेकर शारदा अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट ओंकोलॉजिस्ट डॉ अनिल थकवानी कहते हैं कि नेल पॉलिश ड्रायर को लेकर बहुत पहले भी चिंताएं जताई गई थीं. नेल पॉलिश ड्रायर से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन से कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. 2014 में जामा डर्मेटोलॉजिस्ट ने भी अपने अध्ययन में पाया था कि अल्ट्रावॉयलेट किरणें जो मेनीक्यूर में इस्तेमाल होती है, के प्रभाव से स्किन कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. हालांकि दो सप्ताह में एक बार मेनीक्यूर कराने से कैंसर का जोखिम उतना ज्यादा नहीं रहता लेकिन यदि आप इसे जल्दी-जल्दी कराते हैं तो इससे कैंसर का जोखिम है. ऐसी स्थिति में आप खुद समझदार हैं. आपको पता होना चाहिए कि जल्दी-जल्दी मेनीक्यूर के नुकसान भी है.

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Tags: Cancer, Health, Health News, Lifestyle



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