जापान में बच्चे पैदा करने पर जोर: PM किशिदा बोले- अभी नहीं तो कभी नहीं, 2022 में जन्म दर सबसे कम हुई

0
0


टोक्यो2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जापान में 2022 में सिर्फ 7 लाख 73 हजार बच्चे पैदा हुए।

जापान में घटती आबादी बहुत बड़ी समस्या बन गई है। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने सोमवार को कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक के लिए ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाले हालात बन चुके हैं। इसके लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल जापान की आबादी 12.5 करोड़ है।

जापान पिछले कई वर्षों से अपने नागरिकों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए उन्हें नकद बोनस तक दिया जा रहा है। हालांकि ताजा सर्वे की मानें तो जापान दुनिया की सबसे महंगी जगहों में से एक है, जिसके कारण लोग बच्चों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।

जापान में सबसे कम जन्म का रिकॉर्ड टूटा
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में 2022 में 8 लाख से कम (7,73,000) बच्चे पैदा हुए। ऐसा देश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। सरकार ने इस स्थिति का अनुमान 8 साल बाद के लिए लगाया था। इसके साथ ही जापान के नागरिकों की मीडियन उम्र 49 हो गई है, जो यूरोप के छोटे से देश मोनाको के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा है।

2020 के डेटा के मुताबिक, जापान में 65 साल से ज्यादा के लोगों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख है।

2020 के डेटा के मुताबिक, जापान में 65 साल से ज्यादा के लोगों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख है।

जापान में चाइल्ड पॉलिसी का बजट दोगुना होगा
किशिदा ने जापान की संसद में बताया कि जन्म दर घटने की वजह से देश में समाज की व्यवस्था डगमगा सकती है। सामाजिक कार्यों को बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी हो गया है। किशिदा ने कहा कि वे जून तक बच्चों के जन्म से जुड़ी सभी पॉलिसी के लिए बजट को दोगुना करने का प्रस्ताव लाएंगे। साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए अप्रैल तक चिल्ड्रन एंड फैमिली गवर्नमेंट एजेंसी का गठन किया जाएगा।

जापान में बच्चे पैदा करने पर मिलेंगे 3 लाख रुपए
पिछले महीने जापान के हेल्थ मिनिस्टर कात्सुनोबू कातो ने PM किशिदा से मुलाकात की और सहयोग राशि को 48 हजार रुपए तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। फिलहाल जापान में बच्चा पैदा होने पर पेरेंट्स को सहयोग के लिए ढाई लाख से ज्यादा रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब इसे बढ़ाकर 3 तीन लाख करने की योजना बनेगी। यह वित्त वर्ष 2023 यानी अप्रैल से लागू हो जाएगी।

जापान के PM फुमियो किशिदा ने बताया कि घटती आबादी की परेशानी से निपटने के लिए अप्रैल तक चिल्ड्रन एंड फैमिली गवर्नमेंट एजेंसी का गठन होगा।

जापान के PM फुमियो किशिदा ने बताया कि घटती आबादी की परेशानी से निपटने के लिए अप्रैल तक चिल्ड्रन एंड फैमिली गवर्नमेंट एजेंसी का गठन होगा।

शादी करने पर भी आर्थिक मदद देती है जापान सरकार
जापान में सरकार ने घर बसाने के इच्छुक जोड़ों को छह लाख येन यानी करीब 4.25 लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोग शादी कर जल्द बच्चे पैदा करें और देश में तेजी से गिरती जा रही जन्म दर पर काबू पाया जा सके। इसके लिए सरकार अप्रैल से बड़े पैमाने पर इनाम देने का कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।

बच्चे पालने के लिए तीसरा सबसे महंगा देश है जापान
युवा पॉपुलेशन रिसर्च के मुताबिक, बच्चों के पालन-पोषण के लिए जापान दुनिया का तीसरा सबसे महंगा देश है। पहले नंबर पर चीन और दूसरे पर साउथ कोरिया है। इन देशों की आबादी भी घट रही है। हाल ही में चीन ने बताया कि 2022 में उसकी आबादी घटी है। ऐसा देश में 60 साल में पहली बार हुआ है। इसके चलते भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है।

जापान से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

1. जापान में 41 साल के ऊंचे स्तर पर महंगाई: गैस-बिजली की बढ़ी कीमत और कमजोर करेंसी बनी वजह, लोग बोले- बच्चे पालना मुश्किल हुआ

जापान में दिसंबर 2022 में महंगाई दर पिछले 41 सालों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। पिछले महीने जापान में महंगाई दर 4 फीसदी रही। इस वजह से जरूरी सामानों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। महंगाई की वजह से लोगों को घर चलाने में दिक्कत हो रही है। पूरी खबर पढ़ें…

2. जापान गांवों में बसने के लिए पैसे दे रहा: हर बच्चे के हिसाब से 6 लाख रुपए, फिर भी लोग शहर छोड़ने तैयार नहीं

जापान के टोक्यो में तेजी से बढ़ती आबादी के चलते सरकार राजधानी सहित अन्य महानगरों को छोड़ने के लिए हर बच्चे के हिसाब से 6 लाख 36 हजार रुपए दे रही है, ताकि लोग ग्रामीण इलाकों में जाकर अपना आशियाना बना सकें। पूरी खबर पढ़ें…

3. जापान समुद्र में 2 हजार करोड़ लीटर जहरीला पानी छोड़ेगा: 2011 से फुकुशिमा के न्यूक्लियर प्लांट के टैंकों में बंद है, खत्म होने में दशकों लगेंगे

जापान साल 2011 में आई सुनामी में खराब हो चुके अपने न्यूक्लियर पावर प्लांट में रखे गए 1 मिलियन टन यानी 2 हजार करोड़ लीटर से ज्यादा पानी को पैसिफिक महासागर में छोड़ेगा। इस पानी का इस्तेमाल जापान अपने न्यूक्लीयर पावर प्लांट में रिएक्टर्स को ठंडा रखने के लिए करता था। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

पिछला लेखसरकारी नौकरी: उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में 625 पदों पर निकली भर्ती, उम्मीदवार 28 जनवरी तक करें आवेदन
अगला लेखपूर्व मिस यूनिवर्स हरनाज संधू की तरह स्‍टाइल करें ‘बो ड्रेस’, सिंपल आउटफिट को भी देता है शानदार लुक, आप भी करें ट्राई
लेटेस्त भारतीय ब्रेकिंग न्यूज़, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़, भारत से नवीनतम हिंदी समाचार और विदेश से ट्रेंडिंग न्यूज़ केवल और केवल सतर्क न्यूज़ पर पढ़ें। धर्म, क्रिकेट, व्यवसाय, तकनीक, शीर्ष कहानियों, मौसम, मनोरंजन, राजनीति और अधिक तर जानकारी प्राप्त करें।