चीनी साइबर अटैक से US और यूरोप परेशान: बोले- रैनसमवेयर के जरिए ब्लैकमेल करते हैं चीन के हैकर, पहली बार जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया

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वॉशिंगटन डीसी4 घंटे पहले

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अमेरिका और यूरोप के कई देशों पर चीन लगातार साइबर हमले कर रहा है। चीनी हैकर रैनसमवेयर अटैक कर दुश्मन देशों से क्रिप्टो करेंसी में पैसों की वसूली कर रहे हैं। ये आरोप अमेरिका की 3 जांच एजेंसियों ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर सोमवार को चीन पर लगाए हैं।

स्टेटमेंट में कहा गया है कि चीन की सरकार ही दुश्मन देशों पर ये हमले करवाती है। ऐसा पहली बार है, जब नाटो देशों के ग्रुप और यूरोप ने चीन के साइबर हमलों की खुलकर आलोचना की है। एडवायजरी को ‘चीन का स्टेट- स्पॉन्सर्ड साइबर ऑपरेशन’ टाइटल दिया गया है।

इन देशों ने की चीन की आलोचना
अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन के सभी देश, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, जापान और नाटो ग्रुप के सभी देशों ने साइबर हमलों के लिए चीन की आलोचना की है। इन देशों ने कहा है कि चीन का रक्षा मंत्रालय अपने साइबर एक्टिविस्ट से ये हमले करवा रहा है।

अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर्स पर टारगेट
स्टेटमेंट में कहा गया है कि चीन के हैकर खासतौर पर ऐसे सेक्टर को टारगेट करते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है। इसमें सर्विस प्रोवाइडर्स, सेमीकंडक्टर कंपनी, डिफेंस इंडस्ट्री, यूनिवर्सिटी, मेडिकल इंस्टीट्यूशन शामिल हैं। चीन ये सोची समझी रणनीति के तहत करता है। जॉइंट स्टेटमेंट में ऐसे 50 तरीके बताए गए हैं, जिनके जरिए चीन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर साइबर हमला करता है।

US की इन एजेंसियों ने जारी किया जॉइंट स्टेटमेंट
नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA), साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) और फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (FBI) ने ये जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है। एडवायजरी में सभी सरकारी और प्राइवेट इंडस्ट्री से जुड़े संस्थानों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

इस तरह किया खुलासा
अमेरिका की एजेंसियों ने माइक्रोसॉफ्ट 365 या एम365 के जरिए चीनी हैकर्स के बारे में डिटेल हासिल की। इस नेटवर्क से साइबर हैकर आसानी ने जरूरी सूचना हासिल कर लेते हैं। एडवायजरी जारी करने से पहले अमेरिका के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि अमेरिका चीन की इन गतिविधियों को लेकर काफी समय से चिंतित है। चीन का रक्षा मंत्रालय हैकर्स को बकायदा कॉन्ट्रेक्ट देकर अपने फायदे के लिए दुनियाभर में साइबर अटैक करवाता है।

जी-7 की बैठक के बाद भी जारी किया था स्टेटमेंट
इससे पहले जून में हुई जी-7 देशों की बैठक के बाद भी चीन के साइबर हमलों के खिलाफ स्टेटमेंट जारी किया गया था। उस समय कहा गया था कि साइबर अटैक के जरिए आजादी और लोकतंत्र पर हमला किया जा सकता है। जी-7 के अलावा नाटो देशों ने भी साइबर अटैक के खिलाफ मजबूत पॉलिसी बनाने की बात कही थी।

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