चाणक्य नीति के अनुसार, जहां हैं वहीं से आरंभ करें योजना को मूर्तरूप देना

0
3



आचार्य के गुरुकुल में शिक्षक रहते समय ही सेल्युकल या कहें सिकंदर का आक्रमण हुआ था. इससे आहत आचार्य ने उचित समय और परिस्थितियों को इंतजार किए बगैर ही जहां वे थे वहीं से आक्रमणकारियों को धूल चटाने की नीति पर कार्य आरंभ कर दिया था.

विदेशी आक्रांताओं को परास्त



Source link