गुरजंट सिंह की मां बोली- पुत्तर चक्क दे फट्‌टे: ’31 साल बाद टीम सेमीफाइनल में पहुंची और मैच हार गए तो क्या, डट कर खेलो, मेडल आएगा चाहे कोई भी आए’

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अमृतसर30 मिनट पहले

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हॉकी प्लेयर गुरजंट का परिवार सेमीफाइनल मैच देखता हुआ।

टोक्यो ओलिंपिक में मंगलवार सुबह पुरुष हॉकी मैच में बेल्जियम ने भारतीय टीम काे 5-2 से शिकस्त दी। 31 साल के बाद सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम को अभी भी मेडल की आस है। भारतीय टीम अब 5 अगस्त को कांस्य पदक के लिए मैदान में उतरेगी। वहीं, अमृतसर जिले के जंडियालागुरु निवासी गुरजंट सिंह के परिवार को पूरा यकीन है कि गुरजंट मेडल जरूर लेकर आएगा।

गुरजंट की मां सुखजिंदर कौर तो बेटे के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि पुत्तर चक दे फट्‌टे। 1980 के बाद देश की पुरुष हॉकी टीम ओलिंपिक में सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन मैच हार गए तो क्या, अभी एक और मैच खेलना बाकी है। पदक देश को जरूर मिलेगा, चाहे कोई भी मिले। बड़ी बात ये है कि टीम सेमीफाइनल में पहुंची और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दुनिया को अपना हुनर दिखाया।

कल बात हुई, मैंने गुरुओं का नाम जपने के लिए कहा

मैच देखते हुए भावुक हुई मां सखजिंदर ने कहा कि गुरजंट का सोमवार शाम उन्हें फोन आया था। गुरजंट ने उन्हें अरदास करने के लिए कहा था। सुबह से पूरा परिवार अरदास कर रहा था, लेकिन वाहेगुरु की मर्जी से आगे कुछ नहीं है। मैंने भी गुरजंट को गुरुओं का नाम जपने के लिए कहा। अब कांस्य पदक की आस है और पूरा परिवार जीत के लिए अरदास करता ही रहेगा।

टीम में फारवर्ड पॉजिशन पर खेल रहे गुरजंट के पिता मोहिंदर सिंह ने कहा कि मैच काफी दिलचस्प बना रहा। मध्यांतर तक को किसी भी टीम की जीत व हार का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था। अभी भी उनकी आस खत्म नहीं हुई है। बेटा अब अपनी टीम के साथ कांस्य पदक के लिए खेलेगा। पूरे परिवार को यकीन है कि गुरजंट इस बार मेडल अपने गांव जरूर लेकर आएगा।

पेनल्टी कॉर्नर का फायदा मिला बेल्जियम को

चाचा व गांव के सरपंच हरजिंदर सिंह ने कहा कि मैच में भारतीय टीम से गलतियां हुई हैं, नहीं तो मैच पक्का जीतती। बेल्जियम टीम को 14 बार पेनल्टी कॉर्नर और एक बार पेनल्टी स्ट्रोक का फायदा मिला। जिसमें से तीन कॉर्नर व एक स्ट्रॉक करने में वे सफल रहे। वहीं भारत को 5 बार ही पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसमें से एक बार ही वह सफल रहे। यही मैच का टर्निंग पॉइंट था।

भाई के लिए अरदास की है, करती रहूंगी

गुरजंट की बहन गुरप्रीत कौर ने कहा कि वह हर बार मैच से पहले अपने भाई के लिए अरदास करती रही है। अब और भी ज्यादा और पूरी टीम के लिए करुंगी। पिछले मैचों में पूरी टीम का प्रदर्शन बहुत ही अच्छा रहा है। आज के मैच का दुख ताे है, लेकिन यकीन है कि भाई मेडल जरूर लेकर लौटेगा।

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