कुश्ती महासंघ प्रमुख बृजभूषण पर लगे आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित, मैरी कॉम-योगेश्वर शामिल

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भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर चोटी के पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को सात सदस्यीय समिति गठित की जिसमें एमसी मैरीकॉम और योगेश्वर दत्त जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। दिग्गज मुक्केबाज मैरीकॉम और पहलवान योगेश्वर के अलावा इस पैनल में तीरंदाज डोला बनर्जी और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव भी शामिल हैं। यह फैसला आईओए की कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में लिया गया। इस बैठक में आईओए अध्यक्ष पीटी उषा और संयुक्त सचिव कल्याण चौबे के अलावा अभिनव बिंद्रा और योगेश्वर जैसे खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। शिवा केशवन विशेष आमंत्रित के रूप में बैठक में शामिल हुए।

विरोध कर रहे पहलवानों ने शुक्रवार को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए जांच समिति के गठन की मांग की थी। जिसके बाद शुक्रवार शाम भारतीय ओलंपिक संघ ने पहलवानों की मांगों पर चर्चा के लिए कार्यकारी परिषद की आपात बैठक बुलाई थी। 

पहलवानों ने आईओए अध्यक्ष पीटी उषा को पत्र लिखा

इससे एक दिन पहले पहलवानों ने इस खेल प्रशासक के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी थी। आईओए अध्यक्ष पीटी उषा को लिखे पत्र में पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई की ओर से (कोष में) वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाने के अलावा दावा किया कि राष्ट्रीय शिविर में कोच और खेल विज्ञान स्टाफ ‘बिल्कुल अक्षम’ हैं।

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चार मांग रखते हुए पहलवानों ने लिखा, ”हम भारतीय ओलंपिक संघ से आग्रह करते हैं कि यौन शोषण की शिकायतों की जांच के लिए तुरंत समिति की नियुक्ति की जाए।” पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई को भंग करने और अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग भी दोहराई। अपनी चौथी और अंतिम मांग में पहलवानों ने लिखा, ”पहलवानों के साथ सलाह-मशविरा करके राष्ट्रीय महासंघ के संचालन के लिए नई समिति का गठन किया जाए।”

इस पत्र पर पांच पहलवानों के हस्ताक्षर हैं जिसमें तोक्यो ओलंपिक के पदक विजेता रवि दहिया और बजरंग पूनिया भी शामिल हैं। रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता विनेश फोगाट और दीपक पूनिया ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

इन प्रतिष्ठित खिलाड़ियों ने आगे पत्र में लिखा, ”हम पहलवानों को एक साथ आने और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ विरोध करने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता है। हमें अपनी जान का खतरा है। अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया तो धरने से जुड़ने वाले सभी युवाओं का करियर खत्म हो जाएगा।” उन्होंने पत्र के अंत में लिखा, ”जब तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को बर्खास्त नहीं किया जाता तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।” 



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