ऑफिस की इन हैबिट्स की वजह से बिगड़ती है दिल की सेहत, रहें सावधान– News18 Hindi

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आज हर कोई अपने लाइफ में बिजी है. सुबह उठने के साथ ही हम अपने ऑफिस (Office) के लिए तैयार होते हैं और ऑफिस में ही दिन भर काम में व्‍यस्‍त रहते हैं. ऐसे में स्‍ट्रेस (Stress) और थकावट हमारी लाइफ स्‍टाइल (Life Style) पर हावी हो जाती है जिसका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है. भारत में दिल की बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या में तेजी से इजाफा चिंता का विषय है. यह खतरा खास तौर पर यंग अडल्ट्स (Young Adults) में देखा जा रहा है जो ऑफिस में दिनभर व्‍यस्‍त रहते हैं. इसकी वजह स्ट्रेस और डिप्रेशन बताई जा रही है. आपको यहां कुछ ऐसी आदतें बताते हैं जिनकी वजह से आपका दिल बीमार हो रहा है.

कैंटीन के फास्‍ट फूड

ब्रेकटाइम को सेलीब्रेट करने के लिए हम खाना पीना चाहते हैं. समय बचाने के लिए कैंटीन के फास्‍ट फूड (Fast Food) को हम मजे में खा तो लेते हैं लेकिन यह नहीं सोचते कि यह हमारे सेहत के लिए कितना बुरा है. इससे बचने के लिए आप अपने साथ लंच बॉक्‍स कैरी कर सकते हैं. इसमें ओट्‌स, नट्‌स या फ्रूट वगैरह रख सकते हैं. कोशिश करें कि हर रोज 10 ग्राम फाइबर जरूर लें. इससे आप दिल के प्रॉब्‍लम को 17 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं.

एक जगह बैठै रहना

ऑफिस में हमेशा बैठे न रहें. ऑफिस में हमेशा बैठे रहने से हार्ट पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए बीच बीच में चलते रहने का मौका खोजते रहें. थोड़ी थोड़ी देर में ब्रेक लें और यहां-वहां वॉक करें. लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. गाड़ी थोड़ा दूर पार्क करें और पैदल चलें.

निगेटिविटी से रहें दूर

निगेटिव सोच वाले लोगों से दूरी बनाएं. खुद भी हर बात में पॉजिटिविटी निकालें. ऐसा करने से आप काम को लेकर ऊर्जा से भरपूर तो रहेंगे ही आपकी सेहत भी ठीक रहेगी. एक रिसर्च के मुताबिक, निगेटिव सोच रखने वालों के मुका‍बले पॉजिटिव सोच वालों में मधुमेह, हाई बीपी, कोलेस्ट्रोल और अवसादग्रस्त होने के मामले कम पाए गए.

अच्‍छे दोस्‍तों का अभाव

ऑफिस में आपसी कॉम्पिटिशन की वजह से दोस्‍ती मुश्किल से ही होती है. लेकिन यह सही नहीं है. अगर आपके आस पास कुछ अच्‍छे दोस्‍त दिखते रहेंगे तो आपको स्‍ट्रेस दूर रखने में मदद मिलेगी. इसलिए दोस्‍त हर जगह बनाते चलें. (Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





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