इजराइल में सत्ता परिवर्तन: विपक्षी दलों के बीच गठबंधन पर सहमित, बेनेट होंगे अगले प्रधानमंत्री; 12 साल से सत्ता पर काबिज नेतन्याहू का शासन खत्म

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यरुशलम2 मिनट पहले

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समझौते के मुताबिक, अब दोनों पार्टी के नेता बारी-बारी से प्रधानमंत्री बनेंगे। सबसे पहले दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता नेफ्टाली बेनेट प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे 2023 तक इस पद पर रहेंगे। उसके बाद येश एटिड पार्टी के येर लेपिड प्रधानमंत्री बनेंगे।

इजराइल में जारी सियासी घमासान के बीच विपक्षी राजनीतिक दलों में गठबंधन को लेकर सहमति बन गई है। इसके बाद 12 साल से सत्ता पर काबिज और मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का जाना तय हो गया है। मार्च में हुए चुनाव में उनकी पार्टी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई थी।

सबसे बड़ी पार्टी होने के नेता होने के नाते नेतन्याहू को प्रधनमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। हालांकि वे बहुमत साबित नहीं कर पाए थे। इसके बाद दूसरे नंबर की पार्टी और उनके सहयोगी दल को सरकार बनाने का न्यौता दिया गया था। इसके लिए उन्हें बुधवार यानी 2 जून की आधी रात तक बहुमत साबित करना था।

8 दलों का गठबंधन
इस समय-सीमा के खत्म होने से 38 मिनट पहले ही विपक्ष के नेता येर लेपिड ने सरकार बनाने की घोषणा कर दी। उन्होंने बताया कि विपक्ष के आठ दलों के बीच गठबंधन हो गया है। अब वो सरकार बनाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन को गठबंधन की सहमति की जानकारी दे दी है। अब सरकार को सदन में वोटिंग के बाद शपथ दिलाई जा सकेगी।

दोनों दलों के नेता बारी- बारी से प्रधानमंत्री बनेंगे
विपक्षी दलों के बीच गठबंधन को लेकर हुए समझौते के मुताबिक, अब दोनों पार्टी के नेता बारी-बारी से प्रधानमंत्री बनेंगे। सबसे पहले दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता नेफ्टाली बेनेट प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे 2023 तक इस पद पर रहेंगे। उसके बाद येश एटिड पार्टी के येर लेपिड प्रधानमंत्री बनेंगे।

इजराइल के नागरिकों के लिए काम करेगी सरकार
लेपिड ने कहा कि यह सरकार इजराइल के सभी नागरिकों के लिए काम करेगी। जिन लोगों ने हमें वोट दिया है उनके लिए भी और जिन्होंने नहीं दिया उनके लिए भी। इजराइल में एकजुटता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

दो साल में अब तक 4 बार चुनाव हो चुके
अगर विपक्ष भी सरकार बनाने में नाकाम होता तो तय था कि इजराइल में 5वीं बार चुनाव कराए जाते। यहां पिछले दो साल से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी। मार्च में हुए आम चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी बहुमत जुटाने में कामयाब नहीं हो पाई थी और सहयोगी पार्टियों का समर्थन भी उन्हें नहीं मिला था। उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 120 में 61 सीट की जरुरत थी। इसके बाद विपक्ष के नेताओं को सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय दिया गया था। लेकिन गाजा में संघर्ष के चलते प्रोसेस में देरी होती रही।

पहली बार गठबंधन की सरकार
हालांकि, इस नए गठबंधन में लेफ्ट विंग की मेरेटज से लेकर बेनेट की दक्षिणपंथी यामिना पार्टी हिस्सा है। साथ ही इसमें इस्लामिस्ट पार्टी यूनाइटेड अरब भी शामिल है। ऐसा पहली बार है, जब अरब इजराइल पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा है।

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