अगले साल 9वीं-12वीं के लिए 30% कम होगा सिलेबस, 8वीं तक के लिए स्कूल खुद फैसला ले सकेंगे

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  • विभिन्न स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों, राज्यों, शिक्षाविद और शिक्षकों के सुझावों पर फैसला लिया गया
  • इससे पहले CISCE ने भी 10वीं- 12वीं के सिलेबस को 25 फीसदी तक कम करने का ऐलान किया

दैनिक भास्कर

Jul 07, 2020, 07:24 PM IST

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अगले साल के लिए अपने सिलेबस में 30% कटौती का ऐलान कर दिया है। मंगलवार शाम बोर्ड ने ट्विटर पर इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इसके तहत नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) से पढ़ाई करवाने वाले 22 राज्यों में 2020-21 एकेडमिक सत्र के लिए 9वीं से 12वीं के कोर्स में एक-तिहाई कमी कर दी है।

इसके लिए NCERT और CBSE बोर्ड के विशेषज्ञों की एक कमेटी ने पाठ्यक्रम में कटौती का खाका तैयार किया और उसके बाद कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए यह फैसला लिया गया। वहीं, 8वीं तक की कक्षाओं के लिए CBSE ने स्कूलों को खुद सिलेबस तैयार करने को कहा है। 

  • छात्रों के 5 जरूरी सवाल और उनके जवाब

1. सिलेबस में किस तरह से कमी की गई है, क्या पूरी बुक्स हटा दी गई हैं?
जवाब:   नहीं, सिलेबस से पूरी बुक नहीं हटाई गई है। ये रैशनलाइजेशन टॉपिक्स में कटौती करने के लिए ऐसे किया गया है जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके। 9वीं से 12वीं तक रिवाइज्ड सिलेबस इस लिंक पर देखा जा सकता है http://cbseacademic.nic.in/Revisedcurriculum_2021.html

2. जो चीजें कोर्स से हटाई गई हैं, क्या उनका लर्निंग पर असर पड़ेगा?
जवाब: बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोर्स कम करने से लर्निंग पर असर नहीं पड़ना चाहिए और इसके लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को समझाने के लिए हटाए गए टॉपिक्स को भी एक लिमिट तक समझा सकते हैं।

3. अभी ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है तो उसमें क्या बदलाव होगा ?
जवाब: लॉकडाउन के कारण जो ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है उसमें कोर्स में कटौती के हिसाब से बदलाव का फैसला स्कूल को करना है। अगर हटाई गई कोई सामग्री पढ़ा दी गई है तो उससे किसी तरह का नुकसान नहीं होगा क्योंकि फाइनल एग्जाम रिवाइज्ड कोर्स के हिसाब से होगा और यह 33% कम होगा।

4. हमारे ऑनलाइन टेस्ट भी हो गए हैं, क्या उनके नंबरों पर फर्क पड़ेगा?
जवाब: ऑनलाइन टेस्ट के नंबर भी इंटरनल असेसमेंट हैं। चूंकि बोर्ड एग्जाम रद्द करने का फैसला मात्र हफ्तेभर पहले लिया गया है तो नंबरों पर फर्क नहीं पड़ेगा। कम किया गया सिलेबस इंटरनल असेसमेंट के विषयों का हिस्सा नहीं होगा।

5. कक्षा 1 से 8वीं तक क्लासेज के लिए क्या हर स्कूल का अलग सिलेबस होगा?
जवाब: नहीं, यह लगभग पहले जैसा ही होगा और स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे NCERT की गाइडलाइन का पालन करे। 

  • केंद्रीय मंत्री निशंक ने ट्विटर पर जानकारी दी

मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को मौजूदा हालात को देखते हुए कोर्स कटौती को लेकर बोर्ड को दी गई सलाह के बारे में ट्वीट किया। इसके कुछ देर बाद CBSE की ओर से कटौती का सर्कुलर जारी कर दिया गया।

CBSE की ओर से 7 जुलाई को जारी किया गया कोर्स कटौती का सर्कुलर।

सुझावों के आधार पर तैयार की रिपोर्ट 

पाठ्यक्रम घटाने पर काम कर रही कमेटी ने विभिन्न स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों, राज्यों, शिक्षाविद और शिक्षकों के सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि, इस दौरान कमेटी ने इस बात का ख्याल रखा है कि एक पूरा चैप्टर या हटाने की उन टॉपिक्स को हटाया जाए, जो या तो दोहराए गए है या जिसे अन्य अध्यायों के तहत कवर किया जा सकता है। 

CISCE पहले ही कम कर चुका सिलेबस

इससे पहले पिछले हफ्ते, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने भी अगले एकेडमिक सेशन में 10वीं- 12वीं के सभी प्रमुख विषयों के सिलेबस को 25 फीसदी तक कम करने की घोषणा की थी। इस बारे में बोर्ड ने एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि, “मौजूदा सत्र 2020-21 के दौरान पढ़ाई के समय में होने वाले नुकसान के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।” 





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